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Protecting Your Home From Evil Eye This Diwali: घर-घर में कील ठोकने की परंपरा है यह काम केवल लोहार के द्वारा किया जाता है और माना जाता है कि लोहार अभिमंत्रित की मुख्य दरवाजे की देरी पर लगता है जिसकी वजह से बुरी बला प्रेत का चक्कर, बुरी नजर से बचाव होता है, कोई भी नेगेटिव एनर्जी उस कील को पार नहीं कर पाती है.
Protecting Your Home From Evil Eye This Diwali: एआई और 5G की दुनिया में लोग भले हैं तेजी से आगे बढ़ रहे हों, लेकिन बुंदेलखंड में तीज त्योहार के समय निभाई जाने वाली परंपराओं को आज भी पीढ़ी और पीढ़ी विरासत के रूप में सहेजा जा रहा है और संभाला जा रहा है ताकि मन को प्रसन्न करने वाली प्रकृति से जोड़ने वाली और समाज से बांधे रखने वाली परंपराएं सादा जीवंत रहे. ऐसे ही दिवाली पर बुंदेलखंड में कुम्हार के द्वारा घर-घर दीप दिए जाने की, रुई वाले के द्वारा घर पर आकर पौनी देने की, लुहार के द्वारा कील ठोकने की, नाऊ के द्वारा बांधनवार दिए जाने की परंपराए हैं. जो आज भी वैसे ही निभाई जा रही हैं जैसी सदियों पहले शुरू हुई थी.
दिवाली के समय पूजन के बाद परमा से लेकर एकादशी तक घर-घर में कील ठोकने की परंपरा है. यह काम केवल लोहार के द्वारा किया जाता है और माना जाता है कि लोहार अभिमंत्रित की मुख्य दरवाजे की देरी पर लगता है, जिसकी वजह से बुरी बला प्रेत का चक्कर बुरी नजर से बचाव होता है, कोई भी नेगेटिव एनर्जी उस कील को पार नहीं कर पाती हैं. लोहार के द्वारा जब कील ठोक दी जाती है तो इसके बदले कोई पैसे देता है तो कोई गेहूं देता है. इसके साथ कई लोग उन्हें मिठाई और दिवाली का प्रसाद भी देते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी हर किसी को दिवाली के दूसरे दिन लोहार के आने का इंतजार रहता है और गलती से कभी कोई घर छूट जाए, तो उस घर के लोग लोहार तक इसकी खबर भिजवाते हैं और फिर अपने घर बुलाते हैं.
लोहार को मिलता है इनाम
सागर की द्रोपदी बाई गौतम बताती है कि बढ़ई, लकड़ी की कुटिया लेकर आता है और वह मुख्य दरवाजे के पास ठोकता है तो लोहार लोहे की कल लेकर आता है और वह मुख्य द्वार की देहरी पर ठोकता है. यह साल भर का त्योहार होता है और इनको गेहूं या अनाज दे दिया जाता है. इसके साथ में इनाम भी देते हैं, जिसमें कोई पैसे, मिठाई कोई कपड़े जिसका जो समर्थ है उसे हिसाब से करता है. ऐसा माना जाता है कि अगर यह लोग खुश होकर जाते हैं तो साल भर घर में सुख समृद्धि रहती है खुशहाली रहती है.
इस बार 20 अक्टूबर और 21 अक्टूबर को 2 दिन दिवाली है. हालांकि, 20 अक्टूबर को ही अधिकांश राज्यों में दिवाली मनाई जा रही है. इसके अगले दिन दोपहर के बाद 21 अक्टूबर से ही लोहार घर घर खेल ठोकने का काम करेंगे, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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