कटनी में किसानों के लिए पहली बार कोदो-कुटकी का सरकारी समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। यह पहल रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत की जा रही है।
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यह योजना उन किसानों के लिए एक अहम है जो पारंपरिक रूप से इस पोषण से भरपूर फसल की खेती करते आ रहे हैं। सरकारी उपार्जन से उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
24 अक्टूबर तक कराना होगा रजिस्ट्रेशन
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने किसानों से अंतिम तिथि की असुविधा से बचने के लिए 24 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने का अनुरोध किया है। समय पर पंजीयन कराकर किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचकर आर्थिक फायदा प्राप्त कर सकते हैं।
2 हजार 836 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कोदो-कुटकी की होती है खेती
कटनी जिले में कोदो-कुटकी की खेती का एक समृद्ध इतिहास रहा है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगभग 2 हजार 836 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कोदो-कुटकी की खेती की जाती है। यह फसल मुख्य रूप से जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का आधार है।
जिले का विजयराघवगढ़ क्षेत्र कोदो-कुटकी के उत्पादन में अग्रणी है। इसके अतिरिक्त, बड़वारा, ढीमरखेड़ा और रीठी क्षेत्रों में भी किसान बड़े पैमाने पर इस मिलेट (श्रीअन्न) की खेती करते हैं। सरकारी उपार्जन शुरू होने से इन क्षेत्रों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
जिले 11 पंजीयन केंद्र निर्धारित
किसानों की सुविधा के लिए, कलेक्टर श्री तिवारी ने कोदो-कुटकी की खरीदी हेतु कुल 11 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए हैं। इन केंद्रों पर किसान आसानी से अपना पंजीयन कराकर योजना का फायदा ले सकते हैं।
निर्धारित पंजीयन केंद्रों में बी पैक्स सहकारी समिति मर्यादित विजयराघवगढ़, सिनगौड़ी, रीठी, बकलेहटा, पिपरियाकला, बड़वारा, विलायतकला, झिन्नापिपरिया, सिलौड़ी और स्लीमनाबाद शामिल हैं।