बड़वानी जिले के सजवानी गांव में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने गुरुवार शाम को अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक ओर जहां नल-जल योजना की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को सुधारने का काम शुरू किया गया है, वहीं दूसरी ओर लापरव
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जनपद पंचायत बड़वानी के अधिकारी मोतीलाल काग ने बताया कि दूषित पानी की आपूर्ति का कारण नल-जल योजना की वह पाइपलाइन थी, जिसका एक हिस्सा नाले में धंसा हुआ है और वहां वॉल्व लगा है। इसी हिस्से में खराबी पाई गई थी। गुरुवार शाम को पीएचई विभाग और ग्राम पंचायत की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से नाले की सफाई और पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। पीएचई विभाग के अधिकारी मौके पर रहकर सहयोग कर रहे हैं।
मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत ने सरपंच दिलीप रावत को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। जांच में पेयजल आपूर्ति में स्पष्ट लापरवाही पाई गई है। सरपंच को 24 अक्टूबर दोपहर 2 बजे तक जवाब देने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध धारा 40 के तहत पद से पृथक करने की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले तत्कालीन पंचायत सचिव राजाराम डावर को निलंबित कर दिया गया था और रोजगार सहायक को चार्ज सौंपा गया था।
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स्वास्थ्य शिविर में 4 नए मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। सीएचओ डॉ. पवन यादव ने बताया कि गुरुवार रात को किए गए सर्वे में चार नए उल्टी-दस्त के मरीज मिले हैं। हालांकि, कई ग्रामीण उपचार लेकर स्वस्थ हो चुके हैं और अगले दो से तीन दिनों में सभी मरीजों के ठीक होने की उम्मीद है।
इधर, सजवानी गांव के योगमाया मंदिर के पास गुरुवार शाम 7 से रात 9 बजे तक विठोडा ग्रुप सजवानी द्वारा उल्टी-दस्त के मरीजों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। शिविर में डॉ. मदन सिंह सोलंकी और डॉ. राम पाटीदार ने सेवाएं दीं।