अशोकनगर की जिला जेल में गुरुवार को भाई दूज के अवसर पर बहनें पहुंचीं। यहां बंद भाइयों के माथे पर उन्होंने तिलक लगाकर मिठाई खिलाई। इस त्योहार धूमधाम से मनाया गया। जेल प्रशासन ने भाई-बहनों की मुलाकात के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं।
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मुलाकात के लिए जेल प्रशासन ने पहले से ही दिशानिर्देश जारी किए थे। सुबह 9:30 बजे से बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए कतारों में खड़ी हो गईं, जहाँ उनके आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण किए गए। लंबी कतारों के बाद धीरे-धीरे उन्हें जेल के अंदर ले जाया गया।
डॉक्यूमेंट्स दिखाकर जेल के अंदर जाती महिलाएं।
इस दौरान महिलाओं के साथ 5 साल तक के बच्चों को जाने की अनुमति थी। जेल के गेट पर महिला स्टाफ द्वारा उनकी और उनके साथ लाई गई सामग्री की गहन जाँच की गई।
जांच के बाद सभी को एक-एक कर प्रवेश दिया गया। महिलाओं को जेल में अपने बंदी भाइयों से मिलने और तिलक लगाने के लिए निर्धारित समय दिया गया था। लंबे समय से परिवार से अलग रह रहे बंदियों ने इस दौरान अपने परिजनों से मुलाकात की।