सागर में सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू होने के बाद मंडी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते कलेक्टर संदीप जीआर।
सोयाबीन की उपज पर किसानों को भावान्तर का लाभ देने के लिए प्रदेश का कृषि उपज मंडी बोर्ड लोन लेगा और इसके बाद किसानों को उपज के लिए तय किए जाने वाले मॉडल रेट के अंतर की राशि का भुगतान किया जाएगा। प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कं
.
मंत्री कंसाना ने कहा है कि भावांतर भुगतान योजना भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान अंतर्गत प्राईस डिफिसिट स्कीम के अंतर्गत संचालित की जा रही है। प्रदेश के किसानों की खरीफ 2025 में पैदा हुए सोयाबीन को मंडियों में नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बेचने पर बेची गई कीमत और मॉडल प्राईस से प्राप्त राशि एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि की भरपाई मध्यप्रदेश सरकार करेगी।
उन्होंने कहा कि इस योजना में समर्थन मूल्य तथा मॉडल प्राईस की भावांतर की राशि का भुगतान भारत सरकार, राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। मंडी समिति में किसानों द्वारा अपनी सोयाबीन उपज नीलामी किए जाने के बाद व्यापारी द्वारा राशि का भुगतान उसी दिन किसान को किया जाएगा।
किसानों को शासन द्वारा देय भावांतर राशि का भुगतान समय-सीमा में करने के लिए मंडी बोर्ड द्वारा अस्थाई रूप से ऋण की व्यवस्था की जाएगी, जिसकी भरपाई भारत सरकार, राज्य सरकार द्वारा तय समय अवधि में की जायेगी। इस योजना के तहत मंडी बोर्ड पर किसी तरह का अतिरिक्त व्यय-भार नहीं आयेगा। बता दें कि प्रदेश के 9.36 लाख किसानों ने सोयाबीन उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है।
मंडियों में शुरू हो गई सोयाबीन की खरीद
उधर प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में आज से सोयाबीन की खरीद शुरू हो गई है। सरकार ने 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन भावान्तर योजना लागू की है और इस अवधि में बेची जाने वाली सोयाबीन में कम दाम के अंतर की राशि का भुगतान सरकार द्वारा करने के लिए कहा गया है। सरकार ने कलेक्टरों से कहा है कि सोयाबीन खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करें, जिसके बाद जिलों में निरीक्षण भी शुरू हो गया है।
कलेक्टरों ने किसानों से कहा है कि अपनी सोयाबीन एवं मक्का की उपज को सुखाकर लाएं, जिससे खरीदी में परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडी प्रशासन से कहा गया है कि सभी मंडियों में अतिरिक्त काउंटर लगाएं जिससे समय पर खरीदी हो सके। किसानों की सुविधा के लिए मंडी परिसर में सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। जिसमें विशेष रूप से छाया, पानी एवं माइक सिस्टम लगाए साथ में साइन बोर्ड लगाने के लिए कहा गया है। जिलों में किसानों की सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात करने और बेरिकेडिंग भी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
8.53 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन
समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए इस वर्ष 8 लाख 53 हजार 911 किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष 7 लाख 84 हजार 845 किसानों ने पंजीयन कराया था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस वर्ष विगत वर्ष की तुलना में लगभग 69 हजार अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है।
धान उपार्जन के लिये 8 लाख 47 हजार 830, ज्वार के लिये 2601 और बाजरा के लिये 5 हजार 545 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया है कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपए, ज्वार का 3699 और बाजरा का 2775 रुपए है।