गुड़ वाली चाय को सेहतमंद समझने की न करें भूल, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानिए कितनी सही और गलत 

गुड़ वाली चाय को सेहतमंद समझने की न करें भूल, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानिए कितनी सही और गलत 


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Gud Ki Chai: ठंड आ रही है और ठंड में गुड़ वाली चाय न मिले तो अधूरा सा लगता है. लेकिन चीनी की बजाय दूध वाली चाय पीने के लिए अगर गुड़ का इस्तेमाल करते हैं. और ये आदत काफी लंबे टाइम से है तो रुक जाएं. जानिए आखिर क्यों.

अक्सर देखा जाता है. अनगिनत लोग चाय की पल-पल में चुस्की लेते हैं और अपनी थकान को दूर करते हैं. कई लोगों की चाय के बगैर आंख ही नहीं खुलती है. उनके सामने चाय जब तक नहीं आए, वो नहीं उठते. इसलिए सैकड़ों चाय रोजाना पलभर में बिक जाती है.

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गुड़ और चीनी दोनों ही मीठे पदार्थ हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं. लेकिन, गुड़ और चीनी के बीच में कुछ अंतर हैं जो उन्हें अलग-अलग खतरनाक बनाते हैं. गुड़ एक प्राकृतिक मीठा पदार्थ है जो गन्ने के रस से बनाया जाता है. इसमें कुछ पोषक तत्व जैसे कि आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम होते हैं. लेकिन, गुड़ में भी चीनी की तरह ही मीठा पदार्थ होता है जो रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है.

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आमतौर पर अगर चीनी की बात की जाए तो चीनी का सेवन करने से शुगर का जो स्तर है वो तेजी से बढ़ता है. चीनी आपकी सेहत पर ज्यादा असर डालती है. वहीं गुड़ चीनी के मुकाबले इतनी अधिक खतरनाक नहीं होती है.

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वहीं, चीनी एक रिफाइंड मीठा पदार्थ है जो कि गन्ने या चुकंदर से बनाया जाता है. इसमें कोई पोषक तत्व नहीं होते हैं और यह सिर्फ कैलोरी प्रदान करता है. चीनी का अत्यधिक सेवन रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है और डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है.

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ऐसे तो दोनों दोनों ही मीठे पदार्थ खतरनाक हो सकते हैं अगर उनका अत्यधिक सेवन किया जाए. लेकिन, चीनी को गुड़ की तुलना में ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें कोई पोषक तत्व नहीं होते हैं और यह सिर्फ कैलोरी प्रदान करता है. बता दें, पेट में गुड़ का अवशोषण बहुत धीरे होता है जिसके कारण ब्लड शुगर का संतुलिन बना रहता है.

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बल्ड शुगर की समस्या वालों को गुड़ खाना जरूरी नहीं होता है. लेकिन जिसे बीपी की परेशानी हो उन्हें गुड़ खाना चाहिए. गुड़ आपके हीमोग्लोबिन लेबल को बढ़ाता है. वहीं मेटाबॉलिज्‍म रेट को मजबूत बनाने के लिए आप खाली पेट पानी के साथ गुड़ का सेवन कर सकती हैं.

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चाय ऐसे तो शरीर को नुकसान पहुंचाती है. लेकिन अगर आपको कब्ज की बीमारी है तो सुबह खाली पेट पानी के साथ गुड़ खाना फायदेमंद होता है. यह बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है.

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दरअसल, गुड को गर्म तासीर का माना गया है जबकि दूध ठंडी तासीर का होता है. जब दोनों को मिला दिया जाता है तो आयुर्वेद में इसे अंसगत माना जाता है और ये डाइजेशन को प्रभावित करता है. आयुर्वेदाचार्य शर्मा बताते हैं कि इससे प्रोस्टेट का खतरा हो सकता है. गुड़ वाली चाय कुछ समय के लिए पीना ठीक हो सकता है लेकिन इसे रोजाना आदत में पीना हार्मफुल है.

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गुड़ वाली चाय को सेहतमंद समझने की न करें भूल, एक्सपर्ट से जानिए कितनी सही



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