भोपाल और राजगढ़ जिले की सीमा पर पार्वती नदी पर बना करीब 49 साल पुराना पुल धंस जाने के कारण प्रशासन ने इसे 9 महीने पहले बंद किया था, बावजूद इसके गुरुवार को हजारों लोग उसी धंसे हुए पुल को पार करते नजर आए। बाइक, ऑटो, कार और पैदल चलने वाले लोगों की इतनी
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जाम लगने की सूचना के बाद नरसिंहगढ़ और नजीराबाद का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और समझाइश दी, लेकिन लोग जोखिम लेकर पुल पार करते देखे गए। बता दें ये पुल नरसिंहगढ़ को नजीराबाद, बैरसिया, विदिशा और भोपाल से जोड़ता है।
लोग जोखिम लेकर पुल करते देखे गए।
मेले के लिए जर्जर पुल पर उमड़ी भीड़
पार्वती नदी किनारे बसे बरखेड़ी गांव में भाई दूज पर पारंपरिक मेला आयोजित किया गया था। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और व्यापारी वहां पहुंचे। गांव तक पहुंचने का सबसे नजदीकी और सुविधाजनक रास्ता यही पुल है, इसलिए लोग वर्षों से इसी मार्ग का उपयोग करते आ रहे हैं। यही वजह रही कि मेले में शामिल होने जा रहे हजारों लोग गुरुवार को यही जर्जर पुल पार करते हुए पहुंच गए और देखते ही देखते पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई।

मेले में शामिल होने जा रहे हजारों लोग गुरुवार को यही जर्जर पुल पार करते हुए पहुंच गए।
नदी के वैकल्पिक मार्ग पर फंसी बस
नदी में बने वैकल्पिक मार्ग से गुजरने वाली यात्री बस का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि ड्राइवर ने पानी होने के बावजूद बस निकालने की कोशिश की, लेकिन बस फंस गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है और लोग इसे लेकर बैरसिया और नरसिंहगढ़ के विधायकों को ट्रोल कर रहे हैं।

ड्राइवर ने पानी होने के बावजूद बस निकालने की कोशिश की, लेकिन बस फंस गई।
भोपाल-राजगढ़ बॉर्डर पर बना पुल
यह पुल साल 1976 में बना था और नरसिंहगढ़ को बैरसिया तहसील से जोड़ता है। भोपाल और विदिशा जाने के लिए यह सबसे सीधा मार्ग है। इस वजह से इसकी आर्थिक और सामाजिक महत्व नरसिंहगढ़ के लिए बेहद अहम है। पुल बंद होने के कारण ग्रामीणों को 30 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे करीब 50 गांव और 65–70 हजार लोग रोजाना प्रभावित हैं। किसानों को मंडी तक फसल पहुंचाने में खर्च बढ़ रहा है। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं के लिए एम्बुलेंस को 45 मिनट अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।

9 महीने पहले पुल के पिलर में क्रेक आने से धंस गया था।
अस्थायी वैकल्पिक रास्ता भी डूब गया
मध्य प्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरडीसी) ने जनवरी 2025 में पार्वती नदी के इस पुल को क्षतिग्रस्त घोषित किया था। इसके बाद पुल के दोनों ओर ईंटों की दीवारें लगाकर आवागमन रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने दीवारें तोड़ कर मार्ग का उपयोग जारी रखा। नदी के नीचे अस्थायी वैकल्पिक रास्ता भी बनाया गया, जो बारिश के समय यह पानी में डूब गया। ऐसे में लोग करीब 30 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर ही सफर कर पाते हैं, इससे बचने लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं।

पुलिस बल मौके पर पहुंचा और समझाइश दी लेकिन लोग जोखिम लेकर पुल करते देखे गए।
दो साल पहले की गई थी मरम्मत
पार्वती नदी पर बना ये पुल राजगढ़ और भोपाल जिले की सीमा पर है। यह नरसिंहगढ़ को नजीराबाद, बैरसिया, विदिशा और भोपाल से जोड़ता है। इसकी दो साल पहले ही मरम्मत की थी। पुल के एक तरफ बैरसिया और दूसरी तरफ नरसिंहगढ़ तहसील है।

पुल धंसने के बाद रात में जिला प्रशासन और पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे थे।
9 महीने पहले धंस गया था पार्वती पुल
16 जनवरी 2025 को पुल धंसने की जानकारी मिलने पर बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा रात 9 बजे मौके पर पहुंचे थे और स्थिति का जायजा लिया। नरसिंहगढ़ पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे, और पुलिस ने सुरक्षा के लिए दोनों ओर तैनाती की थी।

पुल के दोनों ओर बेरिकेडिंग कर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी।
एसडीएम शर्मा ने एमपीआरडीसी (मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम) के संभागीय प्रबंधक को पत्र लिखकर बताया कि पार्वती पुल क्षतिग्रस्त हो गया था और आवाजाही के कारण जान-माल का नुकसान हो सकता है। पत्र में बताया गया कि पुल के पिलर के नीचे बड़ा गड्ढा बन चुका था, इसलिए नरसिंहगढ़-बैरसिया मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता थी। इस आदेश के बाद से पुल वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी।
सुरेशी कुमार, एसडीएम, नरसिंहगढ़ ने बताया कि नदी में पानी कम हो जाएगा हम वैकल्पिक मार्ग को भी पूरी तरह से व्यवस्थित करवा देंगे, ताकि आगे कोई ऐसी दिक्कत न आए। वहीं आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष विशाल सोनी नरसिंहगढ़ ने भी एमपीआरडीसी को पत्र लिखकर इस मामले में निराकरण की मांग की है।
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भोपाल-राजगढ़ बॉर्डर पर पार्वती नदी पर बना पुल धंसा

पुल पर बेरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
भोपाल और राजगढ़ जिले की सीमा पर पार्वती नदी पर बना 49 साल पुराना पुल धंस गया है। यह पुल बैरसिया-नरसिंहगढ़ रोड पर स्थित है और 1976 में बनाया गया था। पुल धंसने की घटना के बाद गुरुवार रात से इस पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…