सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के निराकरण के आधार पर प्रदेश के 16 नगर निगम में भोपाल सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। नगरीय विकास विभाग द्वारा जारी सितंबर माह की ग्रेडिंग में भोपाल का स्थान सभी नगर निगमों में सबसे नीचे है। सितंबर के अंत में अलग-अलग
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रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में भोपाल नगर निगम को कुल 6288 शिकायतें मिलीं थीं। बिल्डिंग परमिशन में अवैध निर्माण और स्थायी अतिक्रमण जैसी शिकायतें शामिल हैं। विभाग की रिपोर्ट बताती है कि बिल्डिंग परमिशन की 9 शिकायतें ऐसी हैं जिन पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो अब वे निगमायुक्त के स्तर पर लंबित हो गईं हैं।
बिल्डिंग परमिशन शाखा के विभागाध्यक्ष के स्तर पर 716 शिकायतें लंबित हैं। शेष शिकायतें निचले अमले के पास लंबित हैं। बिल्डिंग परमिशन के बाद दूसरा नंबर प्रकाश व्यवस्था यानी स्ट्रीट लाइट का है। स्ट्रीट लाइट बंद होने की 142 शिकायतें लंबित हैं। इनमें भी 2 शिकायतें कमिश्नर के स्तर पर लंबित हैं। समग्र आईडी के संबंध में लंबित कुल 94 शिकायतों में से 34 कमिश्नर के स्तर पर लंबित हैं।