धार जिले के अमझेरा क्षेत्र में इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम शनिवार को किसानों के विरोध के कारण शुरू नहीं हो सका। किसान रत्नेश्वर मंदिर के पास रेलवे स्टेशन और लाइन के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से नाराज थे। शनिवार दोपहर जब रेलवे अधिक
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बुवाई का सीजन, मुआवजा न मिलने से किसान चिंतित किसानों का आरोप है कि मुआवजा राशि का भुगतान किए बिना ही कुछ हिस्सों में लेआउट डाल दिया गया है। अभी गेहूं और चने की फसल बुवाई का काम चल रहा है, ऐसे में मुआवजा न मिलने से किसान चिंतित हैं। इन मांगों को लेकर किसानों ने हाल ही में सरदारपुर एसडीएम को एक आवेदन भी सौंपा था।
अधिकारी पहुंचे तो जताया विरोध शनिवार दोपहर जब रेलवे अधिकारी काम शुरू करने पहुंचे, तो किसान आक्रोशित हो गए। किसानों का कहना था कि उनके पिछले मांग पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पाइपलाइन का मुआवजा नहीं, अंडरपास की मांग किसान राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि रेलवे द्वारा दिए गए मुआवजे में सिंचाई पाइपलाइन का भुगतान शामिल नहीं है। उन्होंने मांग की कि रेलवे ट्रैक बनने के बाद खेत दो हिस्सों में बंट जाएंगे, जिससे होने वाले जल जमाव का समाधान किया जाए। साथ ही, दूसरे हिस्से में सिंचाई के लिए पाइप क्रॉसिंग व कृषि उपकरणों के आवागमन के लिए व्यवस्थित अंडरपास भी बनाया जाए।
“बाजार भाव से नहीं मिल रही राशि” किसान राजू शेखावत ने आरोप लगाया कि रेलवे द्वारा बाजार भाव के अनुसार मुआवजा राशि का वितरण नहीं किया जा रहा है और कुछ किसानों को अभी भी राशि नहीं मिली है। इस दौरान भाजपा नेता रवि पाठक, किसान मांगीलाल कुशवाह, संतोष कुशवाह, कुलदीप सिंह पंवार और देवेंद्र शेखावत सहित अन्य लोग मौजूद थे।