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Ajinkya Rahane Century: अजिंक्य रहाणे दो साल से भारतीय टीम से बाहर हैं. रणजी ट्रॉफी में उन्होंने मुंबई की तरफ से खेलते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतक जड़ा. उन्होंने मुंबई की लड़खड़ाती हुई पारी को संभाला. सरफराज खान इस मुकाबले में फ्लॉप रहे.
नई दिल्ली. रणजी ट्रॉफी में मुंबई बनाम छत्तीसगढ़ मुकाबले में टीम इंडिया के कार्यवाहक कप्तान रह चुके अजिंक्य रहाणे का जलवा देखने को मिला. रहाणे ने मुकाबले में शतक ठोक अपनी टीम को मजबू स्थिति में पहुंचाया. उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में 37 गेंदों का सामना करने के बाद 118 रनों की नाबाद पारी खेली. अंत में वो रिटायर्ड हट होकर वापस पवेलियन लौटे. अपनी पारी के दौरान रहाणे ने 15 चौके भी लगाए. इस शानदार प्रदर्शन के दम पर मुंबई की टीम ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक पांच विकेट के नुकसान पर 251 रन बना लिए हैं.
हाल ही में सरफराज खान को साउथ अफ्रीका के खिलाफ इंडिया ए टीम में जगह नहीं दिए जाने पर काफी बवाल मचा था. माना गया कि मिडिल ऑर्डर में ज्यादा जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण सरफराज को शानदार प्रदर्शन के बावजूद मौका नहीं दिया गया. सरफराज छत्तीसगढ़ के खिलाफ इस रणजी ट्रॉफी मैच में बल्ले से कोई कमाल दिखाने से चूक गए. वो महज एक रन बनाकर आउट हुए. सरफरज के भाई मुशीर खान का बल्ला भी इस मैच में फ्लॉप रहा. बतौर ओपनर खेलने आए मुशीर 12 रन ही बना सके.
रहाणे ने संभाली मुंबई की ढहती पारी
एक वक्त पर मुंबई ने 38 रन पर ही अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद अंजिक्य रहाणे ने रन बनाने की जिम्मेदारी उठाई. सिद्देश लाठ ने रहाणे का साथ निभाया. सिद्देश ने 80 रन की पारी खेली. दोनों के बीच 165 रनों की साझेदारी बनी. जिसके दम पर मुंबई का स्कोर 200 रन के पार पहुंचा.
2 साल से टीम इंडिया से बाहर हैं रहाणे
रहाणे ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच साल 2023 में खेला था. तब उन्हें वेस्टइंडीज दौरे पर टीम में मौका दिया गया था. वो करीब दो साल से टीम से बाहर हैं. रहाणे को फैन्स ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत की पहली टेस्ट जीत के लिए याद रखते हैं. विराट कोहली की गैर-मौजूदगी में रहाणे की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं की धरती पर टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दी थी.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें