शाजापुर के तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने डोडा चूरा तस्करी के एक मामले में दो आरोपियों को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। दोषी ठहराए गए आरोपियों की पहचान आगर के सारंग्याखेड़ी निवासी गोविंद पिता भैरूसिंह सिसोद
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डोडा चूरा भरकर सारंगपुर से आष्टा ले जा रहे थे आरोपी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 6 अगस्त 2023 को हुई थी। शुजालपुर मंडी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति एक सफेद टवेरा गाड़ी (क्रमांक MP-13-BA-2329) में डोडा चूरा भरकर सारंगपुर से आष्टा की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई।
किसोनी जोड़ के पास नाकाबंदी कर पकड़ा
पुलिस बल और पंच साक्षियों के साथ आष्टा-शुजालपुर रोड पर किसोनी जोड़ के पास नाकाबंदी की गई। जब संदिग्ध टवेरा गाड़ी वहां पहुंची, तो ड्राइवर ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने शासकीय वाहन से रास्ता रोककर गाड़ी को पकड़ा। तलाशी लेने पर पिछली सीट पर दो प्लास्टिक की बोरियों में कुल 20 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद हुआ।
गाड़ी जब्त कर पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मौके पर ही अवैध मादक पदार्थ और टवेरा गाड़ी को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शुजालपुर मंडी थाने में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
कोर्ट में विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और शासकीय अभिभाषक महेंद्र सिंह परमार के तर्कों से सहमत होते हुए, माननीय न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाया। शासकीय अभिभाषक ने तर्क दिया था कि आरोपियों ने गंभीर अपराध किया है, जिसका समाज पर व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और मानव जीवन और सेहत खतरे में पड़ता है। इसी आधार पर न्यायालय ने उन्हें 25 अक्टूबर 2025 को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।