जबलपुर में 2 मासूम दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। घटना उस दौरान हुई जब दो सगे भाई पड़ोस में रहने वाले बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे।
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तभी बाॅल मनमोहन नगर स्थित अस्पताल के कैंपस में चली गई। जिसे निकालने के लिए जैसे ही दोनों बच्चे बाउंड्रीवाल कूदकर अंदर कूदे, तो खुले सेप्टिक टैंक में घुस गए।
काफी देर तक जब दोनों बच्चे बाॅल लेकर नहीं आए तो साथ में खेल रहे बच्चों ने परिजनों को इसकी सूचना दी। काफी देर तक अस्पताल में दोनों को तलाश किया।
बाद में जब खुले सेप्टिक टैंक में नजर पड़ी तो अंदेशा जताया कि कहीं बच्चे इस टैंक में तो नहीं गिर गए। इसके बाद गोहलपुर थाना पुलिस को बुलाया गया।
इसी सेप्टिक टैंक में 2 बच्चे गिर गए।
क्रिकेट खेलते समय हुआ हादसा त्रिमूर्ति नगर में रहने वाले 2 सगे भाई विनायक विश्वकर्मा (10) और कान्हा विश्वकर्मा (12) रविवार को रविवार शाम को करीब 5.30 से 6 बजे के बीच दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहे थे। अचानक ही कान्हा ने बेटिंग करते हुए बाॅल को मारा तो वह मनमोहन नगर स्थित सरकारी अस्पताल के अंदर जा गिरी।
छुट्टी का दिन होने के कारण अस्पताल में ताला लगा था। जिस जगह बाॅल गिरी थी, वहां पर झाड़ियां होने के कारण दोनों बच्चों को यह नजर नहीं आया कि टैंक खुला हुआ है। बाॅल लेने के लिए जैसे ही दोनों भाईयों ने छलांग लगाई वे सीधे टैंक के अंदर जाकर समा गए और जहां उनकी मौत हो गई।
घर वालों को दी सूचना विनायक और कान्हा के साथ खेल रहे बच्चों ने दोनों का इंतजार किया। लेकिन, जब वे अस्पताल से बाहर नहीं आए तो घर जाकर अपने माता-पिता को सारी बात बताई। उन्होंने फौरन विनायक-कान्हा के माता-पिता को सूचना दी।
इस दौरान पड़ोसियों ने गोहलपुर थाना पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी थी।

सेप्टिक टैंक में देखते हुए पुलिस।
कांटा डाला तो चप्पल निकली गोहलपुर पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए नगर निगम टीम की मदद ली। सबसे पहले सेप्टिक टैंक में जब बच्चों की सर्चिंग के लिए कांटा डाला गया। उसके अंदर से चप्पल निकली। यह मानते हुए कि गलती से बच्चे शायद टैंक में गिर गए हैं।
इसके बाद लगातार दोनों बच्चों की सर्चिंग की गई। कुछ ही देर बाद टैंक के अंदर से दोनों बच्चों की लाश निकाली गई। बताया जा रहा है कि दोनों भाई अक्सर दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करते थे, आज भी खेलने के दौरान दोनों हादसे का शिकार हो गए।

टैंक का ढक्कन खुला था त्रिमूर्ति नगर में रहने वाले प्रियांशु तिवारी ने बताया कि निश्चित रूप से अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। हादसे में एक ही घर के 2 चिराग बुझ गए। इतने बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही होना प्रबंधन पर सवाल खड़े करते हैं।

जांच की जा रही है, किसकी गलती है गोहलपुर थाना प्रभारी रितेश पांडे ने बताया कि घटना की जानकारी मिली तो मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों की तलाश की। टैंक के अंदर से बच्चों के शव बरामद हो गए।
पोस्टमॉर्टम के लिए दोनों भाईयों के शव को मेडिकल काॅलेज भेजकर जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की जाएगी, कि आखिर क्यों टैंक का ढक्कन खुला हुआ था। इधर, इस घटना से बच्चों के परिजनों में शोक की लहर छा गई है।
बच्चों की मौत पर कल कांग्रेस करेगी प्रदर्शन नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा और पूर्व पार्षद जितिन राज मौके पर पहुंचकर टैंक खुला होने का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सोमवार को कांग्रेस दोनों बच्चों की मौत और नगर सत्ता के विरोध में प्रदर्शन करेगी। दोनों बच्चों को न्याय दिलाएगी।
इसके बाद निगम प्रशासन और अस्पताल के लोग यह कहते हुए नजर आए कि इसकी सफाई कर रहे हैं। जबकि घटना के दौरान टैंक खुला था एवं कोई भी निगम अधिकारी या सफाई कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था।