बस में अग्निशमन यंत्र की जांच करते अधिकारी।
सागर में परिवहन विभाग की टीम ने रविवार को सरकारी और निजी बस स्टैंड पर पहुंचकर यात्री बसों की जांच की। जांच में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन द्वार, अग्निशमन यंत्र, फस्ट एड बॉक्स आदि की जांच की गई। साथ ही यात्रियों द्वारा यात्री बसों में ले जा
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मौके पर मौजूद ड्रायवर, कंडक्टर, हेल्पर, क्लीनर सभी को एकत्रित कर हिदायत दी गई कि बसों में ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, कैरोसीन, तेजाब, पटाखा आदि का परिवहन नहीं करेंगे। साथ ही उन्हें यह हिदायत दी गई कि सभी वाहनों में 5 से 6 किग्रा क्षमता का अग्निशमन यंत्र होना अनिवार्य है। अग्निशमन यंत्र का प्रयोग कैसे किया जाता है, इस संबंध में भी उन्हें बताया गया। आपात स्थिति में धैर्य रखकर तत्काल आग बुझाने का कार्य अग्निशमन यंत्र की सहायता से किया जा सकता है। चेकिंग के दौरान 4 यात्री बसों में आपातकालीन द्वार के सामने सीट लगी पाई गई। जिस पर तत्काल सीटों को निकलवाकर जब्त किया गया। उन पर अर्थदंड लगाया गया। बस स्टैंड परिसर में अनावश्यक रूप से कई घंटों से खड़ी की गई यात्री बसों पर जुर्माना किया गया। जांच के दौरान 52 यात्री बसों की जांच की गई, जिसमें 27 बसों पर कार्रवाई कर 77 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
आपातकालीन गेट पर लगी सीटों को जब्त किया।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी वाहन स्वामियों को हिदायत दी है कि वे अपने वाहनों के संचालन के दौरान वाहन से संबंधित सभी वैद्य दस्तावेज बीमा, फिटनेस, परमिट, पंजीयन कार्ड वाहन का हैवी ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स प्रमाण पत्र, प्रदूषण अंडर कंट्रोल प्रमाण पत्र (पीयूसी) अनिवार्य रूप से साथ में रखें। यात्री वाहनों में आपातकालीन द्वार पर लगी सीटों को शीघ्र हटाकर ही वाहन संचालित करें। जांच के दौरान आपातकालीन द्वार पर सीट लगी पाई जाती है तो विधि अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।