बैतूल जिले की कोलनगरी पाथाखेड़ा सारणी में एक मां की बेबसी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। दरअसल, शोभापुर निवासी कॉस्मेटोलॉजिस्ट सारिका मिस्त्री का छोटा बेटा तुषार रविवार देर रात साइकिल चलाते समय गिर पड़ा। पैर की उंगलियों में चोट लगी और खू
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रात करीब 11:55 बजे हादसे के बाद सारिका पहले निजी डॉक्टर के पास पहुंचीं, लेकिन वहां इलाज नहीं मिला। फिर वे डब्ल्यूसीएल (WCL) अस्पताल गईं, जहां कोयला कंपनी का अस्पताल होने के बावजूद इलाज तक नहीं मिला। निराश होकर मां बेटे को लेकर 20 किमी दूर घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचीं। लेकिन वहां भी डॉक्टर देर से मिले।
बोली- बेटे को खून बह रहा था, मदद नहीं मिली सारिका का कहना है कि बेटे के घाव से खून बह रहा था, मैं बस मदद चाह रही थी… लेकिन हर जगह बंद दरवाजे मिले। उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने गंभीरता से मामला संज्ञान में लिया। उन्होंने समय सीमा की बैठक के दौरान ही बीएमओ संजीव शर्मा के खिलाफ कार्रवाई और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पांच कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ मनोज हुरमाड़े ने सभी को नोटिस जारी किए हैं।
