Last Updated:
Sihora Protest News: एमपी के जबलपुर के सिहोरा को जिला घोषित करने की मांग फिर एक बार तेज हो गई है. लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के नेतृत्व में चल रहे भूमि समाधि सत्याग्रह अब जन आंदोलन का रूप ले रहा है. क्या है पूरा मामला, जानिए.
श्रीनिवास(सिहोरा),
प्रशासन ने गड्ढे भरवाए
‘लक्ष्य ज़िला सिहोरा आंदोलन समिति’ के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रात होते-होते भारी भीड़ जुट गई, जिससे प्रशासन को मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. अधिकारियों के अनुसार, यह आंदोलन तब और तेज हो गया जब पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने कथित तौर पर भू-समाधि सत्याग्रह के लिए पहले खोदे गए गड्ढों को भर दिया.
प्रशासन की इस कार्रवाई से गुस्साए लोगों ने होकर समिति के सदस्यों ने तुरंत एक अन्य स्थल पर नए गड्ढे खोदे और रात लगभग 9 बजे खुद को मिट्टी में दफना दिया. प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग पूरी होने तक वहां से हटने से इनकार कर दिया.
देर रात तक जारी रहा प्रदर्शन
जैसे ही यह खबर पूरे शहर में फैली, सैकड़ों स्थानीय लोग प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मौके पर जमा हो गए और सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर नारे लगाने लगे. बीती रात तक समिति के प्रमुख सदस्यों सहित विकास दुबे, कृष्णकुमार कुररिया, मानस तिवारी, जितेंद्र श्रीवास, सैकी जैन और रमा चौरसिया गर्दन तक रेत में गड़े रहकर सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर नारे लगाते देखे गए.
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर उनके आंदोलन को दबाने के लिए राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया. समिति के एक सदस्य ने दृढ़ता से कहा कि उन्होंने हमारे गड्ढे दो बार भर दिए, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे. समिति के मुताबिक, सिहोरा जिला बनने के सभी प्रशासनिक और भौगोलिक मानदंडों को पूरा करता है. पुलिस रात भर मौके पर निगरानी करती रही, जबकि स्थानीय लोग आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए धरने में शामिल होते रहे.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re… और पढ़ें