बुरहानपुर में कृषि उपज मंडी के कर्मचारी शुक्रवार से काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। यह विरोध मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मंडी बोर्ड के माध्यम से 1500 करोड़ रुपये का ऋण लेने की तैयारी के खिलाफ है। सोमवार को तीसरे दिन भी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जा
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संयुक्त मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि सरकार की इस योजना से मंडी बोर्ड दिवालिया हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इसका असर मध्य प्रदेश राज्य परिवहन, दूध संघ और तिलहन संघ की तरह मंडी बोर्ड पर भी पड़ेगा।
प्रदेश सरकार 2000 करोड़ रुपए ले चुकी दीक्षित ने यह भी बताया कि प्रदेश की सभी 259 मंडियों के कर्मचारी इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक बीबी फौजदार ने ऋण वापसी की गारंटी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी प्रदेश सरकार 2000 करोड़ रुपए ले चुकी है।
29 अक्टूबर को भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन संयुक्त मोर्चा के अंगिरा प्रसाद पांडे, रामवीर किरार, नैन सिंह सोलंकी, वीरेंद्र नरवरिया, मनीष गंगराड़े, सदानंद कापसे, मोहन कीर्तने, उल्लास पटेल और सुभाष महाजन सहित अन्य सदस्यों ने घोषणा की है कि मंडी बोर्ड को बचाने के लिए 24 से 28 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। 29 अक्टूबर को भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।