रिपोर्ट: संदीप दीक्षित
पुलिस अधिकारी विवेक अस्थाना के अनुसार, रामस्वरूप खेत की ओर जा रहे थे, तभी BJP नेता महेंद्र नागर ने अपने 15 सहयोगियों के साथ उन्हें रोका. आरोपियों ने लाठी, डंडे, आयरन रॉड और धारदार हथियारों से किसान पर हमला किया. आरोप है कि पिटाई के बाद जान से मारने के इरादे से आरोपियों ने थार जीप रामस्वरूप के ऊपर चढ़ा दी. गंभीर रूप से घायल रामस्वरूप को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
पत्नी, बेटियों के कपड़े फाड़े
हमले में किसान की पत्नी विनोद बाई और बेटी व भतीजी ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने उनके साथ अभद्रता की थी और उनके कपड़े फाड़ दिए थे. हत्याकांड में पुलिस ने 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली है. हालांकि, सभी आरोपी अभी तक फरार हैं. उनकी तलाश में पुलिस की टीमें अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं.
25 किसान जमीन बेचकर जा चुके
आरोपी बीजेपी नेता महेंद्र नागर पर गांव के छोटे किसानों को डरा-धमकाकर उनकी जमीनें हड़पने का पुराना आरोप है. ग्रामीणों का कहना है कि नागर की दबंगई के चलते गणेशपुरा गांव से करीब 25 किसान औने-पौने दामों में अपनी जमीन बेचकर पलायन कर चुके हैं. रामस्वरूप ने जब विरोध किया, तो उन पर जानलेवा हमला किया गया. घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है. पुलिस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.
इन पर FIR
फतेहगगढ़ थाना पुलिस ने मामले में आरोपी महेंद्र पुत्र रामनारायण नागर, वीरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश नागर, कन्हैयालाल नागर पुत्र शंकरलाल, लोकेश पुत्र कन्हैयालाल नागर, नवीन पुत्र कन्हैयालाल नागर, हरीश पुत्र कन्हैयालाल नागर, नीतेश पुत्र महेन्द्र नागर, देवेंद्र पुत्र महेंद्र नागर, कमलेश बाई पत्नि महेंद्र नागर, लक्ष्मी बाई पत्नि जितेंद्र नागर, हुकुम पुत्र रामनारायण नागर, प्रिंस पुत्र राधेश्याम नागर, गौतम पुत्र राधेश्याम नागर, सम्मी बाई पत्नि ओमप्रकाश नागर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. इनमें से 6 आरोपी गणेशपुरा और शेष 9 आरोपी समीतवर्ती राजस्थान के रहने वाले हैं