उज्जैन में छठ पूजन के अंतिम और चौथे दिन, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए विक्रम सरोवर पर बिहार के लोगों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी छठ पूजन के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। सुबह 7 बजे वे सरोवर में उतरकर उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे और प्रदे
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चार दिन तक चलने वाले छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है और यह सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होता है। इस साल 26 अक्टूबर को खरना, 27 अक्टूबर को सायंकालीन अर्घ्य और 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ महापर्व का समापन होगा। चौथे दिन व्रती सूर्योदय से पहले नदी या तालाब के किनारे पहुंचकर संतान की लंबी आयु, परिवार में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
तीसरे दिन डूबते, चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य
पर्व के तीसरे दिन, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन महिलाएं बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ और अन्य सामग्री रखकर जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती हैं। इस तरह चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व का समापन होता है।
इस दौरान शिप्रा नदी के रामघाट और विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विक्रम सरोवर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन-अर्चन के लिए पहुंचते हैं। पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8:30 बजे कालिदास अकादमी में भाजपा नगर द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान संगोष्ठी में शामिल होंगे।