रायसेन शहर के प्राचीन मिश्र तालाब पर सुबह 4 बजे से भोजपुरी समाज की महिलाओं ने पूजा अर्चना की।
चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का समापन मंगलवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ हो गया। रायसेन शहर के प्राचीन मिश्र तालाब पर सुबह 4 बजे से भोजपुरी समाज की महिलाओं ने पूजा अर्चना की। उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने
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सुबह 4 बजे से शुरू हुई पूजा, गाए छठी मैया के गीत यह दृश्य सुबह 5 बजे से ही मिश्र तालाब पर बन गया था। भोजपुरी समाज की महिलाओं द्वारा छठी मैया के पारंपरिक गीत भी गाए गए। इस दौरान बच्चों ने भी जमकर आतिशबाजी की और पर्व का उल्लास मनाया।
बारी-बारी से दिया अर्घ्य, आतिशबाजी भी हुई पूजा के बाद, पंडित जी ने उगते सूरज को बारी-बारी से पूजन में शामिल सभी महिलाओं को अर्घ्य दिलवाना शुरू करवाया। यह अर्घ्य देने का क्रम काफी देर तक चलता रहा। इस दौरान बच्चों ने जमकर आतिशबाजी भी की। घाटों को गन्ने के मंडप से सजाया गया था और दीपों की रोशनी से पूरा मिश्र तालाब जगमगा रहा था।
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