बैतूल जिले में आज (मंगलवार) से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो। जिले में वर्तमान में कुल 12 लाख 58
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निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 28 अक्टूबर से 30 नवंबर तक बीएलओ, बीएलए और संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण होगा। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र एकत्र करेंगे। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा, जिस पर 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां ली जा सकेंगी।
अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी जुटाएंगे और मृत, स्थानांतरित या दोहराए गए नामों की जांच करेंगे। इस प्रक्रिया में मतदाताओं को गणना प्रपत्र के साथ किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। मतदाता स्वयं भी ऑनलाइन गणना प्रपत्र भर सकेंगे।
हालांकि, जिले में एक बड़ी चुनौती यह है कि हर साल बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। ऐसे में उनके नामों की गणना और सत्यापन एक विशेष चुनौती रहेगा। कई बार ऐसे प्रवासी मजदूरों का नाम सूची से हट जाता है या सही पते पर दर्ज नहीं हो पाता है।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि उनका प्रयास यही रहेगा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। लेकिन प्रवासी मजदूरों की अनुपस्थिति और उनसे संपर्क स्थापित करने में आने वाली कठिनाई इस विशेष पुनरीक्षण अभियान की सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।
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