सूचना मिलने पर सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर महिला को घर भेजा।
सतना में स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एक एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) पिछले 3 महीनों से वेतन न मिलने के कारण सोमवार देर शाम सीएमएचओ कार्यालय के बाहर जमीन पर लेट गई। एएनएम प्रीति अवस्थी ने बताया कि वेतन न मिलने से वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही हैं, घर म
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‘घर जाने के लिए भी पैसे नहीं बचे’ शहर के वार्ड नंबर 25 नजीराबाद में पदस्थ एएनएम प्रीति अवस्थी का कहना है कि उन्हें 3 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इस वजह से वे घर का खर्च तक नहीं चला पा रही हैं। उन्होंने कहा, घर में अनाज नहीं है, बच्चों की फीस जमा नहीं कर पा रही हूं। यहां तक कि घर जाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।
अधिकारी बोले- मामला मेरा नहीं, फाइल लंबित है प्रीति का आरोप है कि वे कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से अपनी समस्या लेकर मिलीं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। कोई अधिकारी यह कह देता है कि मुझे इस मामले से कोई लेना-देना नहीं, तो कोई कहता है कि फाइल लंबित है।
50 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन अटका जानकारी के अनुसार, जिले में लगभग 50 से अधिक एएनएम और स्वास्थ्यकर्मी ऐसे हैं, जिनका कई महीनों से वेतन नहीं आया है। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारी विभागीय कार्रवाई या प्रताड़ना के डर से खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। इस मामले ने अब विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CMHO ने दिया आश्वासन, जांच के निर्देश उधर, कार्यालय के बाहर महिला कर्मचारी के लेटे होने की जानकारी होने पर सीएमएचओ डॉ एल के तिवारी रात 7.30 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने एएनएम से सारी जानकारी लेने के बाद उसे आश्वासन दिया कि जल्द ही उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा। इसके बाद एएनएम घर लौट गई। सीएमएचओ ने बताया कि पता कराया जा रहा है कि किस कारण वेतन अभी तक नहीं मिला है। यदि स्थानीय स्तर की गड़बड़ी सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।