MP का नक्शा बदलेगा! भोपाल-मैहर-रीवा पर असर, जिला-डिवीजन प्रस्ताव सुर्खियों में

MP का नक्शा बदलेगा! भोपाल-मैहर-रीवा पर असर, जिला-डिवीजन प्रस्ताव सुर्खियों में


Last Updated:

MP News : मध्य प्रदेश के प्रशासनिक नक्शे में बड़ा परिवर्तन होने वाला है. सरकार तीन नए जिले बनाने और एक नया संभाग स्थापित करने पर विचार कर रही है. प्रस्तावित बदलाव में खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर और खंडवा जिलों को मिलाकर नया संभाग बनाए जाने की योजना शामिल है.

मध्‍य प्रदेश में नए प्रशासनिक पुर्नगठन प्रस्‍ताव की चर्चा है.

भोपाल. मध्य प्रदेश के प्रशासनिक मानचित्र में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी चल रही है. राज्य सरकार तीन नए जिले बनाने और एक नया संभाग (division) स्थापित करने पर विचार में है. यह प्रस्ताव इंडेक्स में खास तौर से इंदौर संभाग की भारी जनसंख्या व जिलों के आकार के कारण आया है. सरकार तीन नए जिले बनाने और एक नया संभाग स्थापित करने पर विचार कर रही है. प्रस्तावित बदलाव में खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर और खंडवा जिलों को मिलाकर नया संभाग बनाए जाने की योजना शामिल है.

इसके साथ ही भोपाल जिले में 8 तहसीलों की व्यवस्था की तैयारी है. मैहर जिले के छह गांवों को रीवा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है. यह सारा पुनर्गठन राज्य प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की समीक्षा एवं ड्रोन-सैंपलिंग तकनीकी रिपोर्ट पर आधारित है. प्रस्ताव की मंजूरी के बाद नक्शे में बड़े बदलाव होंगे. प्रस्ताव है कि इंदौर संभाग से खटता हुआ हिस्सा खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर और खंडवा जिलों का समूह एक नया संभाग बनाए. इस बदलाव से प्रशासकीय कार्यों में सुगमता आएगी, क्योंकि वर्तमान में इंदौर संभाग में ज़्यादा बोझ है.

भोपाल जिले में तहसीलों की संख्या बढ़कर आठ हो जाए
साथ ही, राजधानी भोपाल जिले में तहसीलों का विस्तार होगा. वर्तमान में भोपाल जिले में कुछ सीमित तहसीलें हैं; प्रस्ताव यह है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तहसील स्तर का कार्यालय हो, जिससे कुल तहसीलों की संख्या बढ़कर आठ हो जाए. यह कदम प्रशासनिक पहुंच और जन सेवा सुधार की दिशा में माना जा रहा है.

मैहर के छह गांवों को रीवा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव पर हंगामा 
पुनर्गठन के दायरे में मैहर और रीवा की सीमा भी शामिल है. मैहर के छह गांवों को रीवा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव सामने आया है. इस प्रस्ताव के पीछे कारण कार्यक्षमता, दूरी-समस्या और स्थानीय मांगें बताई जा रही हैं. लेकिन इस पर विरोध भी है: सांसदों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने सीमा परिवर्तन से राजनीतिक व भौगोलिक संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई है. राज्य प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग इस प्रक्रिया की देखरेख कर रहा है. इसके लिए तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने हेतु IIPA जैसी संस्था को मान्यता दी गई है और सर्वेक्षण व सुझाव प्रक्रिया चलाई जा रही है. अनुमान है कि प्रस्तावित बदलावों की समीक्षा एवं अनुमोदन पूरा होने पर नक्शे में इन जिलों-तहसीलों की सीमाएँ नए सिरे से तय की जाएँगी. यदि यह प्रस्ताव लागू हुआ, तो इस बदलाव का असर जन-संधार सेवा, विकास योजनाओं की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक सुगमता पर पड़ेगा.

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

MP का नक्शा बदलेगा! भोपाल-मैहर-रीवा पर असर, जिला-डिवीजन प्रस्ताव सुर्खियों में



Source link