Shreyas Iyer Injury: श्रेयस अय्यर को जिस ऑर्गन में हुई इंजरी, उसका काम क्या है? समझें स्प्लीन से जुड़े 5 फैक्ट

Shreyas Iyer Injury: श्रेयस अय्यर को जिस ऑर्गन में हुई इंजरी, उसका काम क्या है? समझें स्प्लीन से जुड़े 5 फैक्ट


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Shreyas Iyer spleen laceration: सलामी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में कैच लेते वक्त चोटिल हो गए थे और इसकी वजह से उन्हें इंटरनल ब्लीडिंग भी हुई थी. डॉक्टर्स की मानें तो श्रेयस की स्प्लीन में इंजरी है. स्प्लीन हमारे शरीर के सबसे जरूरी ऑर्गन्स में से एक है, जिसका काम खून को फिल्टर करके WBC का निर्माण करना है.

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श्रेयस अय्यर को स्प्लीन इंजरी हुई है, जिसके कारण वे अस्पताल में भर्ती हैं.

Shreyas Iyer’s spleen injury: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के दौरान टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को कैच लेते वक्त गंभीर चोट लग गई थी. इसके बाद श्रेयस को ऑस्ट्रेलिया के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और स्कैन में स्प्लीन इंजरी का पता चला. बीसीसीआई के अनुसार श्रेयस को स्प्लीन लैसरेशन (Spleen Laceration) हुआ, जिसके कारण उन्हें इंटरनल ब्लीडिंग भी हुई और उन्हें ICU में भी रखना पड़ा. फिलहाल श्रेयस अय्यर की कंडीशन स्टेबल है और वे रिकवर कर रहे हैं. इस घटना के बाद अधिकतर लोग यह जानना चाह रहे हैं कि स्प्लीन क्या है और इस ऑर्गन का क्या काम होता है. इसमें चोट लगने पर क्या खतरा हो सकता है. इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जान लेते हैं.

यूएस के क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक स्प्लीन (Spleen) शरीर के लेफ्ट साइड पसलियों के नीचे और पेट के ऊपर एक छोटा सा ऑर्गन होता है. इसे हिंदी में तिल्ली कहा जाता है. स्प्लीन का मुख्य काम शरीर में खून को फिल्टर करना है. स्प्लीन पुरानी या डैमेज्ड रेड ब्लड सेल्स (RBCs) को हटाता है और शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए नई व्हाइट ब्लड सेल्स (White Blood Cells) तैयार करता है. स्प्लीन शरीर के इम्यून सिस्टम का जरूरी हिस्सा है. यह खून में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को पहचानकर उन्हें खत्म करने में मदद करता है. स्प्लीन खून को स्टोर भी करता है. जरूरत पड़ने पर स्प्लीन शरीर को खून की सप्लाई करता है. चोट लगने या एक्सीडेंट में शरीर में खून की कमी होने पर स्प्लीन का यही रिजर्व ब्लड काम आता है.

क्या है स्प्लीन लैसरेशन | What is Spleen Laceration

जब कोई व्यक्ति अचानक भारी झटके से गिरता है या पेट पर जोरदार चोट लगती है, तब स्प्लीन में दरार आ सकती है या स्प्लीन फट सकता है. स्प्लीन की इस इंजरी को ही स्प्लीन लैसरेशन कहा जाता है. स्प्लीन में चोट लगने पर बाईं ओर ऊपरी पेट में तेज दर्द या दबाव महसूस होता है. स्प्लीन में क्रैक आ जाए या स्प्लीन फट जाए, तो इंटरनल ब्लीडिंग होने लगती है. यह मेडिकल इमरजेंसी होती है. अगर इंटरनल ब्लीडिंग बढ़ जाए तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है और मौत भी हो सकती है.

स्प्लीन में हल्की चोट लगने पर डॉक्टर आमतौर पर बेड रेस्ट और मॉनिटरिंग की सलाह देते हैं. अगर ब्लीडिंग ज्यादा हो तो सर्जरी भी करनी पड़ती है, जिसे स्प्लीनेक्टॉमी (Splenectomy) कहा जाता है. इस सर्जरी में स्प्लीन का कुछ हिस्सा या पूरा ऑर्गन हटा दिया जाता है. ऐसी स्थिति में मरीज को भविष्य में संक्रमण से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी होती है, क्योंकि स्प्लीन न होने से शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. शरीर को बीमारियों से बचाने में स्प्लीन की अहम भूमिका होती है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो स्प्लीन इंजरी से उबरने के बाद मरीज को कम से कम कुछ हफ्तों तक किसी भी शारीरिक गतिविधि या स्पोर्ट्स से दूर रहना चाहिए. डॉक्टर के निर्देशानुसार दवाएं, हेल्दी डाइट और पर्याप्त आराम बेहद जरूरी होता है. अगर बुखार, पेट दर्द या थकान जैसे लक्षण दोबारा दिखें, तो तुरंत मेडिकल जांच करवानी चाहिए. स्प्लीन ऑर्गन भले ही छोटा होता है, लेकिन इसका काम बहुत बड़ा होता है. इसमें चोट लग जाए, तो मेडिकल इमरजेंसी हो जाती है. ऐसी कंडीशन में जल्द से जल्द ट्रीटमेंट लेना जरूरी होता है, वरना व्यक्ति की जान जा सकती है.

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें

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श्रेयस अय्यर को जिस ऑर्गन में हुई इंजरी, उसका काम क्या है? आसान भाषा में समझें



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