एंबुलेंस नहीं मिली, रास्ते में गर्भवती की मौत: कलेक्टर ने सीएमएचओ और बीएमओ इंदरगढ़ से मांगा स्पष्टीकरण; निजी वाहन करना पड़ा था – datia News

एंबुलेंस नहीं मिली, रास्ते में गर्भवती की मौत:  कलेक्टर ने सीएमएचओ और बीएमओ इंदरगढ़ से मांगा स्पष्टीकरण; निजी वाहन करना पड़ा था – datia News



दतिया के ग्राम मायुपुरा में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। परिजन उसे निजी वाहन से अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस मामले में प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

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क्या है पूरा मामला? कलेक्टर द्वारा जारी पत्र में 25 अक्टूबर 2025 को दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, कविता आदिवासी (21) निवासी ग्राम मायुपुरा को गर्भवती अवस्था में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया था, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल दतिया लेकर जा रहे थे, किंतु रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।

कलेक्टर ने मानी गंभीर लापरवाही कलेक्टर वानखड़े ने इस घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही और संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी मातृ मृत्यु की घटनाओं की रोकथाम के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं होना विभागीय अक्षमता का प्रमाण है।

3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण, स्वयं होना होगा उपस्थित कलेक्टर ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत गंभीर कर्तव्यहीनता की श्रेणी में माना है। उन्होंने सीएमएचओ और बीएमओ इंदरगढ़ से तीन दिवस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। दोनों अधिकारियों को स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।



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