सिंगरौली में मुख्य सचिव बनकर कलेक्टर को फर्जी कॉल करने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कलेक्टर गौरव बेनल ने इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।
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सरकारी मोबाइल नंबर से आया फोन
कलेक्टर गौरव बेनल ने बताया कि, शुक्रवार को उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर एक मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को मध्य प्रदेश सरकार का मुख्य सचिव बताया और दो व्यक्तियों का काम करवाने को कहा। मैसेज की भाषा शैली पर संदेह होने के कारण कलेक्टर को फर्जीवाड़े की आशंका हुई।
कलेक्टर बेनल ने तत्काल एसपी मनीष खत्री से संपर्क कर उन्हें पूरी जानकारी दी। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर से बात कर मिलने का तय किया समय
अगले दिन शनिवार को उसी नंबर से कलेक्टर को फिर फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि दो लोग सोमवार को उनसे मिलेंगे और उनका काम देखने को कहा। फर्जीवाड़े की पूरी मंशा जानने के लिए कलेक्टर ने बातचीत में सहयोग किया और मुलाकात का समय तय कर दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मिलने के लिए पहुंचे दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
निर्धारित समय से पहले कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस टीम तैनात कर दी थी। जैसे ही दोनों व्यक्ति मुलाकात के लिए पहुंचे, पुलिस ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उनकी पहचान सचिंद्र तिवारी और वाल्मीकि प्रसाद मिश्रा के रूप में हुई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। कलेक्टर गौरव बेनल ने जिले के नागरिकों से ऐसे फर्जी फोन कॉल्स या संदेशों से सावधान रहने की अपील की है।
उन्होंने सलाह दी कि किसी भी उच्च अधिकारी या संवैधानिक पदाधिकारी के नाम से आए फोन या संदेश पर भरोसा करने से पहले उसका पूरी तरह सत्यापन कर लें, ताकि ठगी या धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा जा सके। सिंगरौली पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों की तलाश कर रही है।