क्रिकेट इतिहास में सबसे मजबूत टीमों की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया का नाम सबसे ऊपर आता है. वैसे तो क्रिकेट जगत में सभी फॉर्मेटों में टीमों का अपना वर्चस्व रहा है, लेकिन कंगारू ना सिर्फ खेल में अव्वल थे बल्कि वह मैच के अलावा अपने रवैये के लिए भी जाने जाते थे. एक समय था जब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अपने पीक पर थी. या फिर ये मान लीजिए क्रिकेट के पिच पर प्रदर्शन के साथ-साथ रंगबाजी में भी हमेशा से कंगारू खिलाड़ी आगे रहते थे. फिर चाहे स्लेजिंग करना हुआ. या फिर बल्ले और गेंद से विरोधी टीम को जवाब देना हुआ. ऐसे तो ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट इतिहास में एक से बढ़कर एक दिग्गज हुए हैं, लेकिन एक ऐसा भी खिलाड़ी रहा है जो अपने खेल के साथ-साथ अपने रवैये को लेकर भी क्रिकेट जगत में खूब चर्चित रहा.
क्रिकेट का बैड बॉय
दरअसल, हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स के बारे में. लंबी चौड़ी कद काठी वाले साइमंड्स अपने खेल के साथ अपने लुक के लिए भी जाने जाते थे. वह मैच के दौरान होंठ पर जिंक लगाकर उतरते थे, जो उन्हें भीड़ से अलग बनाता था. साइमंड्स एक बेहतरीन खिलाड़ी थे, लेकिन अपनी कुछ खराब आदतों की वजह से उन्होंने अपना करियर खराब कर लिया और वह ज्यादा दिन तक नहीं खेल पाए. बता दें कि साल 2022 में साइमंड्स की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. अब वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन अपने करियर में खेल से ज्यादा विवादों के लिए चर्चित साइमंड्स को क्रिकेट जगत में अलग पहचान मिली. कई लोग उन्हें आवारा क्रिकेटर कहकर भी बुलाते थे.
सीरीज से पहले सस्पेंशन
साल 2008 में साइमंड्स अपने क्रिकेट करियर के दौरान एक ऐसे विवाद में पड़े थे जिसके लिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था.बात साल 2008 की है जब साइमंड्स ऑस्ट्रेलिया की मेन टीम का हिस्सा थे. ऑस्ट्रेलिया को भारत दौरे पर जाना था, जिसके लिए एक मीटिंग होनी थी, लेकिन वह उसमें शामिल न होकर फिशिंग कर रहे थे. इस बात की जानकारी मैनेजमेंट को लगी. इस बात पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मौके पर सख्त कार्रवाई करते हुए साइमंड्स को तत्कालीन प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. वह भारत दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिए गए. साइमंड्स पर हमेशा से ही अनुशासनहीनता के आरोप लगते आ रहे थे.
मैच से पहले शराब
मीटिंग वाले मामले को साल भर ही हुए थे कि साइमंड्स ने एक मैच के दौरान जमकर शराब पी ली थी. इस वजह से मौजूदा टी20 विश्व कप से साइमेंस को इंग्लैंड से वापिस भेज दिया गया. बता दें कि यह मामला साल 2009 में खेले गए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी 20 वर्ल्ड कप का है. मामले की जानकारी मैनेजमेंट को लगते ही मैनेजमेंट ने सख्त एक्शन लिया. यही वो समय था जब साइमंड्स के करियर का पतन होने लग गया था.
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