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नागालैंड रणजी टीम के इमलीवती लेमटूर ने तमिलनाडु के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए कमाल कर दिया. इमलीवती लेमटूर पेशे से एक स्कूल में पीटी टीचर हैं.
क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है. कब क्या हो जाए मैच के अंतिम गेंद तक अंदाजा लगा पाना मुश्किल होता है. ऐसा ही कुछ रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप ए में तमिलनाडु और नागालैंड के बीच खेले गए मैच में हुआ जब एक पीटी टीचर ने शतक ठोकर कमाल कर दिया.

रणजी ट्रॉफी में शतक ठोकने वाले इस खिलाड़ी का नाम इमलीवती लेमटूर है. वह नागालैंड के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. इमलीवती लेमटूर निचले क्रम में बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी भी में भी अहम भूमिका निभाते हैं.

तमिलनाडु के खिलाफ मुकाबले में इमलीवती लेमटूर ने 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 287 गेंद में 146 रनों की दमदार पारी खेली. अपनी इस पारी में इमलीवती लेमटूर ने 20 चौके और 3 छक्के भी लगाए.

इमलीवती लेमटूर की इस शतकीय पारी की मदद से नागालैंड की टीम तमिलनाडु के खिलाफ फॉलोऑन बचाने में सफल रही. नागालैंड की टीम ने तमिलनाडु की पहली पारी में 512 रन के जवाब में 446 रन का स्कोर खड़ा किया.

इमलीवती लेमटूर की खास बात ये है कि उन्होंने क्रिकेटर बनने के लिए न तो कहीं से कोचिंग ली और न ही उन्हें कोई ट्रेनिंग मिली. उन्होंने टीवी में क्रिकेट देखकर इस खेल को सीखा और अब उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 7वें नंबर पर बैटिंग करते हुए बड़ा उलटफेर किया है.

स्पोर्ट्स स्टार को दिए इंटरव्यू में इमलीवती लेमटूर ने बताया कि वह दीमापुर के एक स्कूल में पीटी टीचर हैं. हाल ही में उनकी शादी हुई है और स्कूल ने किसी तरह रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए उन्हें छुट्टी दी. वे अब इस बात से खुश हैं कि वापस लौटने पर बिना सैलरी कटे उनकी नौकरी उनके पास रहेगी.