Last Updated:
Jemimah Rodrigues: 2017 में जेमिमा रोड्रिग्स जिस टीम को हार पर सांत्वना देने एयरपोर्ट पहुंची थीं, 2025 में वह उसी टीम की हीरो हैं. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई है.
नई दिल्ली: 2017 में जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम लॉर्ड्स में इंग्लैंड से वर्ल्ड कप फाइनल हारकर लौटी थी, तब मुंबई एयरपोर्ट पर जेमिमा रोड्रिग्स उनके स्वागत को मौजूद थीं. उस वक्त वह सिर्फ 16 साल की थीं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने कुछ जूनियर्स को बुलाया था. वह दिन, वही नजारा, उनके क्रिकेट सफर का टर्निंग पॉइंट बन गया. तब उन्होंने देखा था कि हार के बावजूद हजारों लोग खिलाड़ियों के स्वागत में पहुंचे हैं. तभी उन्होंने ठान लिया था, ‘एक दिन मैं भी इस टीम को जीत की राह पर लेकर जाऊंगी.’ और आठ साल बाद, वही जेमिमा आज भारत को वर्ल्ड कप फाइनल तक ले आईं. सेमीफाइनल में भारत ने मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया. 330 से ज्यादा का टारगेट, दबाव का माहौल, और फिर भी इस टीम ने वो कर दिखाया जो किसी ने सोचा नहीं था.
पोस्ट-मैच इंटरव्यू में दिखा जेमिमा का संघर्ष
जेमिमा का कहना है कि उन्होंने पिछले एक महीने बहुत कठिन समय देखा. उन्हें ड्रॉप किया गया, फॉर्म बिगड़ा, और वह हर दिन रोती रहीं. उन्होंने कहा, ‘मैं हर दिन रोती थी, चिंता से गुजर रही थी. लेकिन जब मैं खुद को संभाल नहीं पाई, तो भगवान ने मुझे संभाला.’ उन्होंने बताया कि मैच से कुछ मिनट पहले ही उन्हें बताया गया कि वह नंबर 3 पर बैटिंग करेंगी. उन्होंने कहा, ‘मैं शावर में थी, तभी बताया गया कि मैं नंबर 3 पर उतरूंगी. मैंने खुद से कहा – बस टिके रहो, भगवान लड़ाई लड़ेंगे.’
in an ICC Women’s Cricket World Cup semi-final
Jemimah Rodrigues, TAKE A BOW!