ठग बोले-: आधार से खाता खोला, करोड़ों आए बैंक मैनेजर-सिर्फ आधार से नहीं खुलता खाता – Gwalior News

ठग बोले-:  आधार से खाता खोला, करोड़ों आए बैंक मैनेजर-सिर्फ आधार से नहीं खुलता खाता – Gwalior News



शहर के रिटायर्ड बैंक मैनेजर तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहे, लेकिन ठग एक रुपए भी नहीं ऐंठ पाए। बैंककर्मी उनके झांसे में शुरुआत में आ गए, लेकिन जैसे ही ठगों ने सवाल पूछे तो रिटायर्ड बैंक मैनेजर की समझ गए यह ठग हैं। ठग ने उनसे पूछा आपके आधार से

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मुंबई के बैंक अकाउंट खुला है। जिसमें करोड़ों का लेनदेन हुआ है। रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने ठग से कहा-40 साल बैंक में ही नौकरी की है। आधार कार्ड से बैंक में खाता नहीं खुलता। इसके बाद ठग सटपटा गए। आखिर में ठगों ने फोन काटते हुए कहा- यह जानकारी किसी को लीक न करें। ठगों ने खुद को दूरसंचार मंत्रालय का अधिकारी और दिल्ली पुलिस अफसर बनकर फोन किया।

उनके नाम की सिम से अश्लील मैसेज भेजने और बैंक खाता से करोड़ों का लेनदेन होने का झांसा दिया। ठगों ने उन्हें वीडियो कॉल पर तीन घंटे तक कमरे में बंद रखकर “डिजिटल अरेस्ट” किया। ठगों और उनके बीच करीब 100 सवाल-जवाब हुए।

तीन घंटे अरेस्ट, पैसे नहीं मांगे

ठगों ने देशराज को एफआईआर, सुप्रीम कोर्ट का लेटर और आधार की फर्जी कॉपियां भेजीं। 3 घंटे तक ठगों ने देशराज को कमरे में ​डिजिटल अरेस्ट रखा, लेकिन पैसों की बात नहीं की। आखिर में उन्होंने फोन काटा और कहा कि यह बात आप किसी से शेयर नहीं करना। आप जहां जाएंगे लोकेशन शेयर करेंगे।

वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट

थोड़ी देर बाद व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल आई। कॉल पर महिला और एक व्यक्ति डीआईजी की वर्दी में थे। उन्होंने देशराज से कहा कि एक कमरे में जाकर अंदर से कुंडी लगाने को कहा। कमरे में बंद करने के बाद ठगों ने पूछा-आपके आधार पर मुंबई के केनरा बैंक में खाता खुला है, जिसमें करोड़ों का लेन-देन हुआ है।

11:45 बजे आया पहला कॉल

पिंटू पार्क के पास समर्थ नगर में रहने वाले देशराज सिंह चौहान एसबीआई के रिटायर्ड बैंक मैनेजर हैं। 27 अक्टूबर की सुबह 11:45 बजे देशराज के मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल करने वाले ने खुद को विजय कुमार, पीआरओ दूरसंचार मंत्रालय बताया। उसने कहा कि आपके नाम से जारी सिम से अश्लील मैसेज भेजे हैं।

2 घंटे में दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने पहुंचिए, वरना मामला गंभीर हो जाएगा। महिला अधिकारी की कॉल: 11:54 बजे आरोही यादव का फोन आया, जिसने खुद को एसआई बताया। उसने देशराज का केस डिटेल्स बताईं। देशराज को भरोसे में लेकर केस खत्म कराने की बात कही।

अपने ही जाल में फंस गए

देशराज को डराने के लिए ठगों ने उनसे तीन घंटे में लगातार 100 सवाल किए जिसमें वह खुद फंस गए। ठगों ने कहा कि मुंबई के केनरा बैंक में उनके आधार नंबर से बैंक अकाउंट खुला है। देशराज ने कहा कि मैंने बैंक में नौकरी की है। अकेले आधार कार्ड से अकाउंट कैसे खुला सकता है? इस पर ठग चुप रहे। देशराज ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन की ईमेल आईडी मांगी तो ठग नहीं दे पाए? देशराज ने कहा वो 2007 के बाद मुंबई नहीं गए। ठग के कॉल काटते ही उन्होंने सायबर सेल में शिकायत की। सेल के अधिकारी बोले-अब फोन मत उठाना। यह ठग हैं जो आपको फंसा रहे हैं।

ग्वालियर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसे लोग गंवा चुके लाखों

ग्वालियर में बीते 9 माह में 8 ​डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं हो चुकी हैं। मार्च में रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदीप्तानंद को साइबर ठगों ने 26 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और ₹2.52 करोड़ की ठगी की थी। ठगों ने सीबीआई, ईडी और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी बनकर आश्रम के सचिव से पैसे ऐंठे थे।

बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जनवरी में टेकनपुर स्थित बीएसएफ के इंस्पेक्टर अबसार अहमद को 32 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 72 लाख ठगे थे। अगस्त 2025 में ग्वालियर के एक सेवानिवृत्त सरकारी को 22 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर ₹7.10 लाख ठगे थे। ठगों ने महिला डॉक्टर को 22 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ₹35 लाख से लाख रुपए ठगे थे।

वीडियो कॉल पर नहीं करें भरोसा

साइबर क्राइम टीआई धर्मेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि कोई भी सरकारी या जांच एजेंसी धमकी दें या फिर पैसे की मांग करें तो उस पर भरोसा न करें। अनजान नंबर से वीडियो कॉल आए और अधिकारी बनकर डराए तो समझ जाएं यह ठग है। इनकी शिकायत 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत करें।



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