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Rahul Dravid: राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया का कोच रहते हुए अपने मजेदार किस्सों के बारे में बताया. द्रविड़ की कोचिंग में ही पिछले साल भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2025 अपने नाम किया था. यूट्यूब शो ब्रेकफार्स्ट विद चैंपियन ने पंजाबी म्यूजिक पर खुदकर अपनी बात कही.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ अपने शांत और संयमित स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. मैदान के बाहर भी वह बेहद सादगी भरे अंदाज में अपने अनुभव और पसंद साझा करते हैं. हाल ही में ‘ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस’ शो में द्रविड़ ने अपने म्यूजिक की पसंद, टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का माहौल और खिलाड़ियों के मजेदार किस्से साझा किए. इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें पंजाबी म्यूजिक काफी पसंद है और इस मामले में उन्होंने खुद को पहले से बेहतर बनाया है.
राहुल द्रविड़ ने खुलासा किया कि उन्हें पंजाबी सिंगर शुभ और जान गंवा चुके सिंगर सिद्धू मूसेवाला के गाने बेहद पसंद हैं. उन्होंने कहा, “शुभ बहुत पॉपुलर सिंगर है. लड़के अक्सर उसके गानों की बातें करते रहते हैं. और जो सिंगर दुर्भाग्यवश अब नहीं रहे (सिद्धू मूसेवाला) उनके कई गाने मुझे पसंद हैं. लड़के भी उन्हें ड्रेसिंग रूम में सुना करते थे.”
द्रविड़ का यह बयान बताता है कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में संगीत का माहौल कितना जीवंत रहता है और कैसे नई पीढ़ी के खिलाड़ी अपनी एनर्जी संगीत के जरिए बनाए रखते हैं. टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम डीजे के सवाल पर उन्होंने मुस्कराते हुए बताया, “आजकल तो सभी खिलाड़ी हेडफोन लगाकर खुद का म्यूजिक सुनते हैं, लेकिन जब बॉक्स पर गाने बजते हैं तो ऋषभ पंत के गाने सबसे अच्छे होते हैं. अर्शदीप सिंह भी बढ़िया म्यूजिक बजाता है, उसके गानों का टेस्ट काफी अच्छा है.”
राहुल द्रविड़ ने आगे कहा, “हार्दिक पांड्या बहुत मजेदार इंसान हैं, और विराट कोहली तो गजब के मिमिक हैं. अब वह उतना करते नहीं, लेकिन पहले शानदार नकल उतारते थे.” हिंदी भाषा पर अपनी पकड़ को लेकर भी राहुल द्रविड़ ने मजेदार जवाब दिया. उन्होंने कहा, “मेरी हिंदी पहले से ही अच्छी थी यार, ऐसी बात नहीं है. सिर्फ इसलिए कि मैं बेंगलुरु से हूं, इसका मतलब ये नहीं कि मुझे हिंदी नहीं आती.” उन्होंने हंसते हुए जोड़ा, “हां, पंजाबी म्यूजिक में जरूर सुधार हुआ है.”
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें