पुलिस पैसे खाती रही, मेरे पति को गोलियों से भूना: कटनी में भाजपा नेता की पत्नी बोलीं- पुलिस की लापरवाही से मेरा सुहाग उजड़ा – Madhya Pradesh News

पुलिस पैसे खाती रही, मेरे पति को गोलियों से भूना:  कटनी में भाजपा नेता की पत्नी बोलीं- पुलिस की लापरवाही से मेरा सुहाग उजड़ा – Madhya Pradesh News


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ये कहना है नीलेश रजक की पत्नी सुचिता रजक का। कटनी जिले के कैमोर में बीजेपी नेता नीलेश रजक की 28 अक्टूबर को दिनदहाड़े सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने नीलेश की हत्या के दोनों आरोपी, अकरम खान और प्रिंस जोसेफ को एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस घटना के बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नीलेश के परिवार का सीधा आरोप है कि अगर पुलिस ने समय पर नीलेश की शिकायतों को गंभीरता से लिया होता, तो आज वह जिंदा होता। दूसरी तरफ आरोपी प्रिंस जोसेफ के पिता ने घटना के दिन ही सामाजिक बदनामी और डर के चलते अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अब उनके घर पर आरोपी की मां और बहन है।

वहीं, मुख्य आरोपी अकरम का परिवार घर पर ताला लगाकर कहीं गायब हो गया है। नीलेश और अकरम के बीच दुश्मनी की वजह क्या थी? पुराने विवाद में क्या हुआ था? पुलिस पर लग रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है और पुलिस का इस पर क्या कहना है? घटना के दिन से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? पढ़िए ये रिपोर्ट

सुनसान सड़कें, बंद बाजार और पुलिस का पहरा

भास्कर की टीम जब कटनी जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर औद्योगिक कस्बे कैमोर पहुंची, तो सड़कें पूरी तरह से सुनसान नजर आईं। बाजार भी पूरी तरह से बंद था। हर गली, हर चौराहे पर पुलिस की बैरिकेडिंग और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे, उनके चेहरों पर एक अनजाना खौफ साफ पढ़ा जा सकता था

कैमोर के एक बड़े मैदान के सामने ही नीलेश रजक का घर है। यह घर भी उनका अपना नहीं, कंपनी का क्वार्टर है। घर के आंगन में मोहल्ले और रिश्तेदारी की बहुत सी औरतें खामोश बैठी हैं, लेकिन इस खामोशी को चीरती हुई नीलेश की पत्नी सुचिता और मां माया के रोने की आवाजें दिल दहला रही हैं।

नीलेश सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था, लिहाजा कैमोर के लगभग सभी लोगों से उसकी पहचान थी।

नीलेश सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता था, लिहाजा कैमोर के लगभग सभी लोगों से उसकी पहचान थी।

पत्नी बोलीं- मेरे पति को इंसाफ चाहिए

नीलेश की पत्नी सुचिता, जो खुद डीएवी स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर हैं, रोते-रोते कहती हैं, ‘यह पूरी पुलिस की लापरवाही है। टीआई और बाकी पुलिस स्टाफ ने कोई कार्रवाई नहीं की और आखिरकार वह मेरे पति को गोली मारकर चला गया। पुलिस खुलेआम पैसे खाती रही, और उनके अवैध बिजनेस चलते रहे।

हमारे सबसे बड़े दुश्मन तो कैमोर के टीआई और मुंशी हैं। मेरे पति ने सभी बड़े अधिकारियों से शिकायत की थी कि टीआई और मुंशी उन लोगों से मिले हुए हैं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। अगर समय रहते कार्रवाई हो जाती, तो आज हमें यह दिन नहीं देखना पड़ता।’ वह आगे कहती हैं, “किसी ने हमारा साथ नहीं दिया। कई बार मेरे हस्बैंड को विशेष समुदाय के लोगों से धमकियां मिली थीं।

मां बोलीं- मेरे बेटे को तड़पाकर मारा, उन्हें वैसी ही मौत मिले नीलेश की मां माया रजक का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने बेटे को याद कर बेहोश हो जाती हैं। होश में आने पर बस एक ही रट लगाती हैं, ‘मेरा बेटा अपने काम और परेशानियों के बारे में मुझे कुछ नहीं बताता था। हमेशा हंसता-मुस्कुराता रहता था। वही तो हम पूरे परिवार का सहारा था। उसको जिन लोगों ने भी ऐसे तड़प-तड़प कर सड़क पर मारा है, उन लोगों के साथ भी ऐसा ही होना चाहिए।

उन्हें भी सड़क पर तड़पा कर मारना चाहिए। अब हमारा कोई नहीं रहा। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं। मुझे मेरे बेटे के लिए इंसाफ चाहिए। बहुत अच्छा था मेरा बेटा। नीलेश की छोटी बहन अपने परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वह कहती हैं, मेरी भाभी की एक छोटी सी प्राइवेट नौकरी है, जिसकी सैलरी बहुत कम है। भैया ही पूरा घर चलाते थे। अब उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, हमारी मां हैं और भाभी हैं।

यह घर भी अपना नहीं है। हमें भाभी के लिए एक अच्छी सरकारी नौकरी चाहिए, एक खुद का मकान चाहिए और बच्चों की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। नीलेश के परिवार में अब उनकी मां माया, पत्नी सुचिता और दो बच्चे- बेटा अर्णिम (10वीं कक्षा) और बेटी दीवा (पहली कक्षा) रह गए हैं।

दुश्मनी की जड़, दो महीने पुराना स्कूल का विवाद नीलेश का परिवार जिस झगड़े का जिक्र बार-बार कर रहा है, उसकी जड़ दो महीने पुरानी एक घटना में छुपी है। । 21 अगस्त, 2025 को डीएवी स्कूल के बाहर नीलेश और अकरम के बीच विवाद हुआ था। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कैमोर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।

नीलेश रजक की शिकायत (21 अगस्त, 2025) ‘मैं वार्ड न. 03 एवरेस्ट नगर, कैमोर में रहता हूं और ठेकेदारी का काम करता हूं। मेरा बच्चा डीएवी स्कूल में पढ़ता है। कल दिनांक 21.08.25 को सुबह 07:30 बजे मैं अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने गया था। स्कूल के बाहर मैं अपने साथियों के साथ खड़ा था। तभी एक सफेद कार आई, जिसे अकरम खान चला रहा था। उसने गाड़ी गेट के सामने खड़ी कर दी और जोर-जोर से हॉर्न बजाने लगा।

गार्ड ने गेट खोलने से मना किया तो अकरम गार्ड से गाली-गलौज करने लगा। पास में खड़े पीटीआई नारायणदत्त ने भी मना किया तो अकरम उनसे भी अभद्रता करने लगा। जब मैं और मेरे साथी पास गए और गाली देने से मना किया, तो अकरम खान ने मुझे मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दीं, गाड़ी से बाहर निकलकर स्कूल में बम पटकने और मुझे जान से मारने की धमकी दी।’

नीलेश की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

नीलेश की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

अकरम खान की शिकायत (21 अगस्त, 2025) ‘मैं अमरैयापार वार्ड न. 14 में रहता हूं और निकेश कुमार के यहां ड्राइवरी का काम करता हूं। आज दिनांक 21.08.25 को सुबह 07:00 बजे मैं अपने मालिक निकेश कुमार के बच्चे और उनकी पत्नी को डीएवी स्कूल छोड़ने गया था। गेट बंद था। मेरे मालिक की पत्नी चलने में असमर्थ थीं, इसलिए मैंने सिक्योरिटी गार्ड से गेट खोलने को कहा।

वहीं पर पहले से नीलू रजक (निलेश) अपने साथियों के साथ खड़े थे। उन्होंने गेट न खोलने की बात को लेकर मुझसे लड़ाई-झगड़ा शुरू कर दिया और मां-बहन की गालियां देने लगे। मना करने पर उन्होंने मेरा कॉलर पकड़कर हाथ-मुक्के से मारपीट की। बीच-बचाव के बाद जब नीलू रजक जाने लगा तो धमकी दी कि अगर थाने में रिपोर्ट करोगे तो तुम्हें जान से खत्म कर दूंगा।’

पुलिस ने अकरम की शिकायत पर नीलेश के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने अकरम की शिकायत पर नीलेश के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आरोपियों के घर पर एक जगह मातम, दूसरी जगह सन्नाटा

अकरम का घर खाली और वीरान भास्कर की टीम जब अकरम के घर पहुंची तो यहां घर के भीतर थोड़ी तोड़फोड़ नजर आई। कुछ सामान भी जला हुआ दिखा। घर के बाहर पुलिस का पहरा था। पड़ोसियों ने बताया कि घटना के बाद से ही अकरम का पूरा परिवार कहीं चला गया है।

प्रिंस जोसेफ का घर का माहौल गमगीन दरअसल, जिस दिन नीलेश की हत्या हुई उसी दिन प्रिंस के पिता नेल्सन जोसेफ ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। प्रिंस के चचेरे भाई ने बताया, ‘चाचा प्राइवेट कंपनी में बस चलाते थे। मंगलवार को जब वह काम से लौटे, तो पता नहीं बाहर क्या बात हुई। घर आकर थोड़ी देर परिवार से बात की और फिर अपने कमरे में चले गए।

जब बहुत देर तक दरवाजा नहीं खोला, तो हमने ऊपर से शीट काटकर देखा। चाचा ने फांसी लगा ली थी। प्रिंस की मां सिल्वी जोसेफ रोते हुए कहती हैं, ‘मेरे बच्चे के कारण मेरे पति पर न जाने किसने क्या दबाव बनाया, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठा लिया। मेरे पति ने कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं की। जो हुआ, बहुत बुरा हुआ।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया।

बहन बोलीं- उनके साथ भी बुरा हुआ हमारे साथ भी

प्रिंस की बहन स्टेफी जोसेफ हाथ जोड़कर कहती है उनके साथ भी बुरा हुआ और मेरे साथ भी। दोनों घरों से एक-एक आदमी चला गया। अब मुझे बहुत डर लगता है। घर में हम मां-बेटी अकेली हैं। हमें पुलिस सुरक्षा चाहिए। हमें किसी से कोई शिकायत नहीं। बजरंग दल वाले भी हमारे भाई हैं। हम दोनों दुख में हैं। मेरे भाई ने जो किया है, उसकी उसे सजा मिले। हमारी बस यही गुजारिश है कि हमारा घर न उजाड़ा जाए। हमारे पास सिर छिपाने का बस यही एक सहारा है।

पुलिस बोली- प्रिंस के पिता की खुदकुशी की जांच कर रहे कटनी के एएसपी संतोष कुमार डेहरिया ने बताया, ‘आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की चार-पांच टीमें बनाई गई थीं। बुधवार सुबह बहोरीबंद के पास उनकी लोकेशन मिली। जब पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी चार राउंड फायर किए, जिसमें दोनों आरोपियों को गोलियां लगीं और वे घायल हो गए।’

पुराने विवाद पर उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले दोनों पक्षों का स्कूल में विवाद हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा वैधानिक धाराएं लगाकर चालान भी बनाया गया था।



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