विंध्य में बेमौसम बारिश: धान की फसलें खेतों में सड़ीं: किसानों की मेहनत बर्बाद, मुआवजे के लिए सर्वे की मांग – Mauganj News

विंध्य में बेमौसम बारिश: धान की फसलें खेतों में सड़ीं:  किसानों की मेहनत बर्बाद, मुआवजे के लिए सर्वे की मांग – Mauganj News


विंध्य क्षेत्र में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी समेत आसपास के इलाकों में लगातार वर्षा से खेतों में पानी भर गया है, जिससे कटी हुई धान की फसलें सड़ने लगी हैं और खड़ी फसलें गिर गई हैं। इ

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किसानों ने बताया कि उनकी चार महीने की कड़ी मेहनत बारिश की भेंट चढ़ गई है। खेतों में जलभराव की स्थिति है और किसान फावड़े से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं। किसान नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा, “धान कट चुकी थी, लेकिन खेतों में पानी भरने से अब फसल सड़ने लगी है, सारी मेहनत बेकार हो गई है।” एक अन्य किसान कमरुद्दीन खान ने बताया, “आंधिया पर धान की फसल लगाई थी, लेकिन बारिश ने सब चौपट कर दिया।”

खेतों में पानी और अत्यधिक नमी के कारण फसल निकालने के लिए वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। इससे कटी हुई फसल को खलिहान तक ले जाने में बाधा आ रही है। कुछ किसानों ने खलिहान में रखी अपनी फसल को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया, लेकिन लगातार बारिश के कारण यह प्रयास भी बेअसर साबित हुआ।

इस बेमौसम बारिश से धान की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ने और उपज में भारी कमी आने की आशंका है। कई स्थानों पर धान के पौधों में अंकुर फूटने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे किसानों को और अधिक नुकसान होने की संभावना है।

नईगढ़ी के प्रगतिशील किसान और कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व सदस्य उमाशंकर त्रिपाठी ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि असमय वर्षा से किसानों की कटी और खड़ी दोनों फसलें नष्ट हो गई हैं। उन्होंने निवेदन किया कि नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।



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