जेमिमा का शतक तो सबने देखा, इन 4 शेरनियों ने भी चूर-चूर किया कंगारुओं का गुरूर

जेमिमा का शतक तो सबने देखा, इन 4 शेरनियों ने भी चूर-चूर किया कंगारुओं का गुरूर


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India Womens in World Cup Final: ऑस्‍ट्रेलिया के लगातार 15 जीत की स्‍टीक को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने तोड़ दिया है. भारत ने इसके साथ ही फाइनल में प्रवेश कर लिया है. अब दो तारीख को खिताबी मैच में भारत की टीम साउथ अफ्रीका का सामना करेगी.

भारत ने फाइनल में प्रवेश किया.

ऑस्‍ट्रेलिया को वूमेंस वर्ल्‍ड कप के सेमीफाइनल में धूल चटाने के बाद भारत ने शान से फाइनल में अपनी जगह पक्‍की कर ली है. इस मैच में 339 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्‍य को भेदकर भारत ने महिला क्रिकेट के इतिहास में रन चेज का नया रिकॉर्ड बना दिया है. साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्‍ट्रेलिया के लगातार 15 मैचों की जीत के सिलसिले को भी यहीं थाम दिया है. अब दो नवंबर को भारत को महिला वर्ल्‍ड कप के फाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया का सामना करना है. भारत की जीत में हर कोई शतकवीर जेमिमा रोड्रिग्‍स के योगदान की तारीफ कर रहा है. चलिए हम आपको जीत के 5 स्‍टार्स के बारे में बताते हैं.

जेमिमा रोड्रिग्स: अपने होम ग्राउंड डीवाई पाटिल स्टेडियम पर जेमिमा रोड्रिग्स ने सपनों से भरी पारी खेली. उन्होंने शुरुआत में गेंद को सम्मान दिया और फिर तेजी से रन बनाए. 127 रनों की शतकीय पारी में जेमिमा ने अपनी तकनीक और टेंपरामेंट दोनों का कमाल दिखाया. ऑस्ट्रेलियाई अटैक के सामने उन्होंने बेखौफ होकर स्ट्रोक्स खेले और हर गेंद को उसकी योग्‍यता के मुताबिक ही खेला. उनकी शांत बॉडी लैंग्वेज और सटीक शॉट सिलेक्शन ने मैच का टोन सेट किया. 331 रन के विशाल लक्ष्‍य के सामने वो अंत तक लड़ी और भारत की जीत पक्‍की करने के बाद ही वापस लौटी.

हरमनप्रीत कौर: भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर एक बार फिर बड़े मंच पर चमक उठीं. 2017 की ऐतिहासिक पारी के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में भी अपने बल्ले से जवाब दिया. 89 रनों की संयम और ताकत से भरी पारी में उन्होंने न सिर्फ टीम को स्थिरता दी, बल्कि युवाओं को आत्मविश्वास भी दिया. हरमनप्रीत ने मुश्किल हालात में एक सीनियर की तरह मोर्चा संभाला और हर ओवर के साथ मैच का रुख भारत की ओर मोड़ा. उनके शॉट्स में क्लास थी, लेकिन इरादे में जंग का जुनून भी नजर आया. इस जीत के पीछे असली प्रेरणा हरमनप्रीत ही रहीं.

दीप्ति शर्मा: ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने एक बार फिर साबित किया कि वह भारत की ‘संकटमोचक’ हैं. पहले उन्होंने बीच के ओवरों में अपनी सटीक स्पिन से ऑस्ट्रेलिया की लय तोड़ी और फिर बल्लेबाजी में निचले क्रम में महत्वपूर्ण रन जोड़े. दीप्ति की गेंदबाजी में वह पुराना आत्मविश्वास झलका जो उन्हें बड़े मुकाबलों में खास बनाता है. जब भी टीम को विकेट चाहिए था, दीप्ति ने सफलता दिलाई. उन्‍होंने कुल दो विकेट निकाले. अंत में जब रनों और गेंद के बीच का अंतर बढ़ रहा था तब दीप्ति ने 17 गेंदों पर 24 रनों की अहम पारी खेली.

रीचा घोष: विकेटकीपर बल्‍लेबाज रीचा घोष को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में भरोसेमंद फिनिशर के तौर पर जाना जाता है. सेमीफाइनल में जब रन रेट बढ़ा हुआ था, रीचा ने बेखौफ अंदाज में चौके-छक्के उड़ाए. उन्होंने 16 गेंदों में ताबड़तोड़ 26 रन ठोकते हुए भारत के करीब पहुंचाया. अपनी पारी में उन्‍होंने दो चौके और इतने ही छक्‍के लगाए.

स्मृति मंधाना: स्‍मृति मंधाना ने 24 गेंदों पर 24 रनों की छोटी लेकिन अहम पारी खेली. स्‍मृति इस मैच में थोड़ी बदकिस्‍मत रही. लेग स्‍टंप से होते हुए वाइड बॉल जा रही गेंद पर उनका बल्‍ले का हल्‍का सा किनारा लग गया. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम ने रिव्‍यू लिया और उन्‍हें आउट करार दिया गया. शेफाली वर्मा के सस्‍ते में आउट होने के बाद स्‍मृति ने टीम के स्‍कोर को 59 रनों तक पहुंचाया.

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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