शाजापुर जिला अस्पताल में फेनिरामाइन इंजेक्शन चोरी करते हुए एक युवक को स्टाफ नर्स ने गुरुवार देर रात रंगेहाथ पकड़ा है। अस्पताल से लंबे समय से इन इंजेक्शनों की चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद स्टाफ ने चोर पर नजर रखी हुई थी।
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पकड़े गए युवक से पूछताछ में उसने बताया कि मलेरिया विभाग में पदस्थ जलज नामक कर्मचारी उससे यह चोरी करवा रहा था। स्टाफ ने युवक का एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें वह रोते हुए जलज का नाम ले रहा है। इस मामले में सिविल सर्जन ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे करीब कोतवाली थाना पुलिस को एक शिकायती आवेदन दिया है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इंजेक्शन जो चोरी किया जा रहा था।
फेनिरामाइन इंजेक्शन का उपयोग मुख्य रूप से एलर्जिक रिएक्शन जैसे त्वचा पर दाने, खुजली या सूजन के इलाज में होता है। यह दवा या इंजेक्शन से हुई एलर्जी, कीट के काटने, खाद्य पदार्थों से एलर्जी, सर्दी, छींक या नाक बहने जैसी हिस्टामिन से जुड़ी समस्याओं में भी प्रभावी है। आपात स्थिति में एनाफिलेक्सिस में सहायक उपचार के रूप में इसे अक्सर एड्रेनालिन के साथ दिया जाता है।
यह इंजेक्शन मांसपेशी या नस में दिया जाता है और इसे केवल डॉक्टर या प्रशिक्षित नर्स द्वारा ही लगाया जाना चाहिए। सामान्यतः1 मिलीलीटर (22.75 मिलीग्राम/मिलीलीटर) की खुराक दी जाती है, लेकिन यह रोगी की उम्र, वजन और स्थिति के अनुसार तय होती है।

यहां से चुराया था इंजेक्शन।
डॉक्टर पर सलाह पर लेना चाहिए
इसके संभावित दुष्प्रभावों में नींद या सुस्ती आना, चक्कर या थकान महसूस होना और मुंह सूखना शामिल हैं। बहुत कम मामलों में रक्तचाप कम होना या एलर्जिक प्रतिक्रिया भी हो सकती है। सावधानियों के तौर पर, इंजेक्शन लेने के बाद वाहन या मशीन न चलाने की सलाह दी जाती है। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए,और उन्हें अन्य एलर्जी या दवाओं के सेवन की जानकारी डॉक्टर को देनी चाहिए।
कोतवाली पुलिस से कार्रवाई की मांग
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ बीएस मीणा ने बताया जिला अस्पताल में से कई दिनों से फेनिरामाइन इंजेक्शन चोरी होने की स्टाफ द्वारा शिकायत मिल रही थी। एक युवक को इंजेक्शन चोरी करते हुए पकड़ा गया है। कोतवाली पुलिस को शिकायत आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।