ग्वालियर हाईकोर्ट ने बीएसएफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, टेकनपुर के कर्मचारियों की याचिका खारिज कर दी है। कर्मचारियों ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के समान वेतन और सुविधाओं की मांग की थी। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह स्कूल एक सरकारी संस्
.
न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कहा कि बीएसएफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल का संचालन बीएसएफ सेंट्रल एजुकेशन फंड सोसायटी करती है। यह स्कूल केंद्र या राज्य सरकार से कोई नियमित सहायता अनुदान प्राप्त नहीं करता है। इस कारण इसे संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत ‘राज्य’ की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता, क्योंकि इस पर सरकार का नियमित वित्तीय नियंत्रण नहीं है।
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि स्कूल की स्थापना, संचालन और रखरखाव में सरकार और बीएसएफ की भूमिका है। साथ ही, फंड में अनुदान, सरकारी जमीन, भवन और कंप्यूटर आदि का उपयोग होता है, इसलिए कर्मचारियों को केवीएस जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि बीएसएफ अधिकारियों का प्रबंधन में शामिल होना केवल ‘पदेन’ (एक्स-ऑफिसियो) पद पर है, जिससे यह सिद्ध नहीं होता कि सरकार का स्कूल पर गहरा और सर्वव्यापी नियंत्रण है।
स्कूल प्रबंधन ने अपनी दलील में बताया कि स्कूल सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत पंजीकृत है। स्कूल का समस्त खर्च बीएसएफ जवानों और कर्मचारियों के स्वैच्छिक योगदान और विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस से पूरा किया जाता है। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्रालय का स्कूल पर कोई सीधा वित्तीय नियंत्रण नहीं है।