MP के इस जिले में अब एक साथ होंगे खाटू श्याम, सांवलिया सेठ और सालासर बालाजी के दर्शन, उमड़ा जन सैलाब

MP के इस जिले में अब एक साथ होंगे खाटू श्याम, सांवलिया सेठ और सालासर बालाजी के दर्शन, उमड़ा जन सैलाब


Shri Shyam Sanwaliya Temple: मध्य प्रदेश का खरगोन जिला अब एक नई धार्मिक पहचान के साथ देशभर में जाना जाएगा. यहां धरगांव क्षेत्र में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का पहला और सबसे बड़ा श्री श्याम सांवलिया मंदिर तैयार हुआ है. खास बात यह है कि इस भव्य मंदिर में श्रद्धालु एक ही स्थान पर खाटू श्याम जी, सांवलिया सेठ और सालासर बालाजी तीनों के दर्शन कर सकेंगे. देव उठनी एकादशी के पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति में तीनों भगवान के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई.

श्री श्याम सांवलिया चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा धरगांव के पास करौंदिया रोड पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया है. 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक यहां प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन चल रहा है. 1 नवंबर को देव उठनी एकादशी (खाटू श्याम जन्मोत्सव) पर शुभ मुहूर्त दोपहर 3:02 बजे मंदिर के पट खोले गए. पूरा मंदिर सफेद फूलों, विद्युत सजावट और पताकाओं से सुसज्जित रहा.

देशभर से पहुंचे संत और अतिथि
समारोह में देशभर से आए संत-महात्माओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया. प्रमुख संतों में महामंडलेश्वर ईश्वरानंद ब्रह्मचारी, महंत विजयरामदास महाराज, श्यामदास जी महाराज, महंत शशिगिरी (हिमाचल प्रदेश), साध्वी विशुद्धानंद भारती दीदी ठाकुर, प्रभुजी गुरुदेव (तिरला धाम) सहित कई संत शामिल रहे. वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, क्षेत्रीय विधायक राजकुमार मेव और पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ भी उपस्थित रहीं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कैलाश विजयवर्गी ने भी आयोजन में शिरकत की थी.

तीनों देवों के विग्रह एक साथ स्थापित
मंदिर में मध्य भाग में बाबा खाटू श्याम जी, दाहिनी ओर सांवलिया सेठ जी और बायीं ओर सालासर बालाजी के विग्रह स्थापित किए गए हैं. मंगल बेला में तीनों देवालयों में एक साथ आरती हुई. पहले सालासर बालाजी की पूजा-अर्चना और महाभोग, फिर सांवलिया सेठ की आरती और अंत में खाटू श्याम जी की महाआरती संपन्न हुई. शंखनाद और जयकारों से पूरा श्याम धाम भक्तिमय वातावरण में डूब गया.

भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
देव उठनी एकादशी पर हजारों श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर परिसर पहुंचने लगे. 101 जोड़ों ने भजनों की मधुर धुनों पर आरती में सहभागिता की. मंदिर का मुख्य शिखर स्वर्ण कलश से सुसज्जित है और इसके चारों ओर रंग-बिरंगे दीपों की रौशनी ने नजारा अद्भुत बना दिया.

70 एकड़ में बना विशाल परिसर
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 70 एकड़ में विशाल परिसर बनाया है. इसमें भव्य पंडाल, भोजनशाला, विश्राम स्थल और पार्किंग की व्यवस्था की गई थी. दिनभर चले धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शाम को आतिशबाजी से पूरा क्षेत्र जगमगा उठा.

समापन पर विशाल भंडारा
2 नवंबर को यज्ञ में पूर्णाहुति के बाद करीब 3 लाख श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया. आयोजकों के अनुसार, आने वाले समय में यहां हर महीने विशेष धार्मिक आयोजन होंगे ताकि श्रद्धालु लगातार बाबा श्याम, सांवलिया सेठ और बालाजी के दर्शन का लाभ ले सकें.



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