आगर मालवा में रानी सती मार्ग स्थित एक कॉलोनी में रविवार रात दो सेही (जंगली जीव) देखे गए। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन देर रात तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
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यह घटना जिले में घटते वन क्षेत्रों और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण वन्यजीवों के शहरी इलाकों में आने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है। सेही एक निशाचर जीव है जिसके शरीर पर नुकीले कांटे होते हैं। खतरा महसूस होने पर यह अपने कांटों को फैला देता है, जो मनुष्य या पशु के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
कॉलोनी के निवासियों ने सेही की मौजूदगी से भय व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग को सूचना देने के बावजूद रात भर कोई सहायता नहीं मिली, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
कॉलोनी में घूमते सेही।
पौधों की छाल खात है सेही
सेही एक शाकाहारी जंगली जीव है जो सामान्यतः जंगलों, झाड़ियों और पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। यह पेड़ों की जड़ें, फल और पौधों की छाल खाता है। प्राकृतिक आवास के नष्ट होने पर यह भोजन की तलाश में शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रुख करता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों के लगातार खत्म होने, पेड़ों की कटाई और सोलर प्लांट व पवन चक्कियों जैसी परियोजनाओं के कारण वन क्षेत्र सिकुड़ रहे हैं। इसी वजह से वन्यजीव अब आवासीय इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं।
ऐसे जीवों के दिखने पर तुरंत वन विभाग या 112 पर सूचना देनी चाहिए। लोगों को स्वयं उन्हें पकड़ने या भगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए और बच्चों व पालतू जानवरों को उनसे दूर रखना चाहिए। आसपास रोशनी बढ़ाने और खुले में कचरा न डालने की सलाह दी गई है, क्योंकि भोजन की गंध से ये जीव आकर्षित होते हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि वनों का अतिक्रमण और पेड़ों की कटाई जारी रही, तो शहरों में जंगली जीवों का आना सामान्य हो जाएगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं।