आशा-सहयोगिनियों का कटनी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: नियमित वेतन की मांग के लिए पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं; बोलीं- त्योहार भी बिना वेतन के गुजरे – Katni News

आशा-सहयोगिनियों का कटनी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:  नियमित वेतन की मांग के लिए पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं; बोलीं- त्योहार भी बिना वेतन के गुजरे – Katni News


कटनी में सोमवार को आशा/आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ की सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के नाम एक ज्ञापन संयुक्त

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तीन महीने से भुगतान बंद, त्योहार भी बिना वेतन के गुजरे

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने बताया कि आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों को पिछले तीन महीनों से भुगतान नहीं मिला है। इसके अलावा कई कार्यों की प्रोत्साहन राशि भी लंबे समय से बकाया है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन और दीपावली जैसे त्योहारों पर भी भुगतान नहीं किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक संकट झेलना पड़ा।

कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई कि अन्य विभागों में त्योहार से पहले भुगतान किया जाता है, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि वे दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी रहती हैं।

श्रमिक का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा की भी मांग

ज्ञापन में राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के उस निर्णय का जिक्र किया गया, जिसमें आशा एवं पर्यवेक्षकों को योजनाकर्मी और श्रमिक का दर्जा देने के साथ न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ देने का प्रस्ताव था। संगठन ने आरोप लगाया कि विभाग इस निर्णय को लागू नहीं कर रहा और आशा कार्यकर्ताओं को अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

“हर बार आदेश तो जारी होते हैं, लेकिन लागू नहीं किए जाते”

महिलाओं ने कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा कई बार आदेश जारी किए गए कि हर माह की 5 तारीख तक भुगतान हो, लेकिन इसे आज तक लागू नहीं किया गया। उनका कहना है कि विभाग हर बार बजट या सॉफ्टवेयर परिवर्तन का बहाना बनाकर भुगतान टाल देता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार हजारों की राशि गबन कर ली जाती है, और जब मामला सामने आता है तो विभाग रिकवरी तो करता है, लेकिन वह राशि आशाओं तक नहीं पहुंचती।

इन मांगों पर अड़ी रहीं आशा कार्यकर्ता

संगठन ने सरकार से मांग की है कि—

  • वेतन और प्रोत्साहन राशि का सभी बकाया भुगतान तुरंत किया जाए।
  • केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई ₹1,500 की राशि का एरियर सहित भुगतान हो।
  • हर माह की 5 तारीख तक नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  • वेतन भुगतान की स्लिप दी जाए।
  • वार्षिक वृद्धि ₹1,000 का एरियर सहित भुगतान किया जाए।
  • ड्यूटी के दौरान घायल आशा कार्यकर्ता को ₹5 लाख और मृत्यु की स्थिति में परिवार को ₹10 लाख मुआवज़ा दिया जाए।
  • हर डिलीवरी प्वाइंट पर आशा रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए।
  • आशा कल्याणकारी योजना के तहत शिक्षा प्रोत्साहन राशि दी जाए।
  • हर साल आशा दिवस या सम्मेलन आयोजित किया जाए।

“मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन”

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का निराकरण जल्द नहीं हुआ, तो वे नियमित आंदोलन जारी रखेंगी। उन्होंने घोषणा की कि 17 नवंबर 2025 को जिला मुख्यालय पर 24 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा और उसके बाद एनएचएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन ‘हल्ला बोल’ आंदोलन शुरू किया जाएगा।



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