उज्जैन में कुत्ते ने दो दिन में 11 को काटा: 5 वर्षीय बच्ची घायल, एक ही कॉलोनी में रहने वालों को बनाया शिकार – Ujjain News

उज्जैन में कुत्ते ने दो दिन में 11 को काटा:  5 वर्षीय बच्ची घायल, एक ही कॉलोनी में रहने वालों को बनाया शिकार – Ujjain News


उज्जैन में कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शहर के मोहन नगर में एक स्ट्रीट डॉग ने दो दिन में 11 लोगों को काट लिया। इसमें एक 5 वर्षीय बालिका भी शामिल है जो अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान डॉग ने उस पर हमला कर दिया जिससे वो बुरी तरह से घायल हो

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कुत्ते के हमले में घायल एक युवक।

शहर में हॉल ऋषि नगर , महानंदा, महाश्वेता, सेठी नगर, भार्गव नगर सहित अन्य कॉलोनियों में स्ट्रीट डॉग राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। आगर रोड स्थित बजरंग द्वारा के पास मोहन नगर में रविवार को एक स्ट्रीट डॉग ने 11 लोगों पर हमला किया। यहां रहने वाली बच्ची परी नागर घर के बाहर खेल रही थी, इस दौरान सड़क पर खड़े कुत्ते ने उस हमला कर हाथ में काटकर बुरी तरह से घायल कर दिया।

कुत्ते के हमले में घायल परी नागर।

कुत्ते के हमले में घायल परी नागर।

इसी तरह दो बच्चों को भी पैर में काट लिया। स्थानीय निवासी कुलदीप नागर ने बताया कि एक ही कुत्ते ने 11 लोगों पर हमला किया है। इसकी शिकायत नगर निगम में भी की गई। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले माह ऋषिनगर में भी स्ट्रीट डॉग्स ने पांच लोगों को एक साथ काट लिया था। दो बच्चों को काटने के बाद पार्षद को शिकायत की गई थी जिसके बाद नगर निगम की कुत्ता पकड़ने वाली गैंग को बुलाया। इसका एनिमल एक्टिविस्ट ने विरोध किया था, लेकिन बाद में गैंग कुत्ते को पकड़कर ले गई थी।

कुत्ते के हमले में घायल एक युवती अपना जख्म दिखाई हुई।

कुत्ते के हमले में घायल एक युवती अपना जख्म दिखाई हुई।

2024 में शहर में डॉग बाइट की लगभग 20000 और 2025 में जून तक 10,000 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। कुछ गंभीर मामले भी सामने आए थे जिसमें पिछले हफ्ते ही गाड़ी के सामने कुत्ता आ जाने के कारण एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। एक 7 साल के बच्चे के सिर की चमड़ी उधड़ गई थी। वहीं एक 70 वर्षीय बुजुर्ग के पैर की नस काटने की नौबत आ गई थी। कुत्ता पीछे पड़ने से कई एक्सीडेंट की घटना भी हो चुकी हैं।

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विश्व रेबीज डे…14 हजार डॉग बाइट केस

राजधानी भोपाल में रेबीज का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हर साल हजारों लोग कुत्तों और अन्य जानवरों के काटने का शिकार हो रहे हैं। सिर्फ इस साल अब तक 14 हजार 515 डॉग बाइट केस सामने आ चुके हैं। इंसानों में जिंदा रहते रेबीज की 100% कन्फर्म जांच संभव नहीं है, इसी वजह से आधिकारिक तौर पर एक भी मौत दर्ज नहीं होती। पूरी खबर पढ़ें



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