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Sagar News: बाजार में आलू की मांग सालभर रहती है. गुलाबी आलू यानी मलबेरी आलू की खेती कम होने के चलते इसकी कीमत सामान्य आलू की तुलना में दोगुनी रहती है. वर्तमान में यह 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है.
सागर. आमतौर पर लोगों ने पीले या हल्के भूरे रंग के आलू देखे हैं और सब्जी हो या कोई भी रेसिपी इसी का उपयोग करते हैं लेकिन अलग-अलग इलाकों में आलू की अलग-अलग वैरायटी हैं, जो धीरे-धीरे विलुप्त होने की स्थिति में हैं. आज हम एक ऐसे आलू के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिसके बारे में कम लोग जानते हैं. ऐसा आलू जिसकी ऊपरी स्किन तामिया कलर की है और यह काटने पर अंदर गुलाबी रंग का निकलता है. यह देखने में काफी सुंदर दिखाई देता है लेकिन यह आलू केवल सुंदर ही नहीं है बल्कि यह पोषक तत्वों से भरपूर है. इसका नियमित सेवन करने से आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं. यह इम्युनिटी को बढ़ाता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है.
आलू सेहत के लिए तो बेहतर है ही, साथ ही इसकी खेती भी उतनी ही ज्यादा लाभकारी है. बाजार में आलू की मांग पूरे साल रहती है. गुलाबी आलू यानी मलबेरी आलू की खेती कम होने की वजह से सामान्य आलू की तुलना में इसकी कीमत दोगुने भाव में रहती है. वर्तमान में इसकी कीमत 40 रुपये प्रति किलो चल रही है.
सागर के युवा किसान आकाश चौरसिया दूसरी बार मलबेरी आलू को लगाने जा रहे हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के हापुड़ से इसका बीज मंगवाया है. आकाश ने लोकल 18 को बताया कि यह खेती करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए आलू की अच्छी किस्म है. इस आलू को अगर कोई एक एकड़ में लगाना चाहता है, तो उसे एक हजार किलो आलू की जरूरत पड़ेगी या फिर थोड़ा आलू मंगवा कर खेती करें और अगले साल जो उपज निकालें, उसका आप बीज बना लें. मलबेरी आलू का उत्पादन एक एकड़ में 150 क्विंटल से लेकर 175 क्विंटल मिलता है और इसके भाव 35 से 40 रुपये किलो होने से एक एकड़ में तीन से चार लाख रुपये तक का मुनाफा कमाया जा सकता है.
बीजोपचार करना जरूरी
उन्होंने कहा कि बीज लगाने से पहले इसका चूना पत्थर के पानी का घोल बनाकर बीजोपचार करें. अगर मेला बनाकर लगा रहे हैं, तो ढाई फीट का मेला बनाएं. उसमें 10-10 इंच की दूरी पर तीन लाइन में आलू लगाएं. वैसे तो आलू की फसल 100 दिन की होती है लेकिन मलबेरी आलू 70 से 80 दिन में तैयार हो जाता है. इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा, जैसे- खेत में 10 टन गोबर की पची हुई खाद मिट्टी को भुरभुरी बनाने के लिए डालनी होगी. साथ ही इसमें चूना पाउडर और नीम पाउडर का छिड़काव कर जुताई करनी होगी.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.