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Harmanpreet Kaur revealed secretes: कैप्टन हरमनप्रीत कौर वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने के बाद कहा कि उनकी अंतरआत्मा ने शेफाली वर्मा से गेंदबाजी कराने को कहा और उन्होंने उसपर विश्वास किया. हरमनप्रीत ने कहा कि शेफाली के उस ओवर ने हमारे लिए सबकुछ बदल दिया. भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला विश्व कप खिताब जीत लिया.
नई दिल्ली. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम पहली बार विश्व कप जीतने में सफल रही. भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार विश्व कप अपने नाम किया. अपनी कप्तानी में विश्व कप जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर बहुत खुश हैं. उन्होंने जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया.हरमनप्रीत ने कहा कि शेफाली वर्मा के उस ओवर ने मैच का रुख बदल दिया. भारतीय कप्तान ने शेफाली की जमकर तारीफ की जिन्होंने बल्लेबाजी के साथ साथ गेंदबाजी में भी कमाल का प्रदर्शन किया. शेफाली को उनकी शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.शेफाली वनडे विश्व कप सेमीफाइनल या फाइनल में यह अवॉर्ड जीतने वाली महिला और पुरुष वनडे विश्व कप में सबसे युवा खिलाड़ी बन गईं.
शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने 87 रन बनाने के साथ साथ अहम मौकों पर दो विकेट भी चटकाए. उन्होंने अपने शुरुआती दो ओवरों में सुने लुस और मरिजाने केप को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई. मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि जब लॉरा वोल्वार्ट और सुने लुस बल्लेबाजी कर रही थीं, तो वे वाकई शानदार दिख रही थीं. मैंने शेफाली की ओर देखा. जिस तरह से उसने पहले बल्लेबाजी की. मुझे पता था कि आज उसका दिन है. मेरे दिल ने कहा कि उसे एक ओवर दो. मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी. मैंने उससे पूछा कि क्या वह तैयार है, और उसने तुरंत हां कह दिया. वह हमेशा से गेंदबाजी में योगदान देना चाहती थी, और उस ओवर ने हमारे लिए सब कुछ बदल दिया. जब वह टीम में आई, तो हमने उससे कहा था कि उसे शायद दो या तीन ओवर गेंदबाजी करनी पड़ेगी. उसने कहा, अगर आप मुझे गेंद दोगे, तो मैं टीम के लिए दस ओवर गेंदबाजी करूंगी! वह इतनी आत्मविश्वास से भरी थी. वह निडर, सकारात्मक और टीम के लिए हमेशा आगे आने के लिए तैयार रहती है.’
हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास .
दीप्ति शर्मा ने 5 विकेट चटकाए
भारत ने शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के हरफनमौला खेल से महिला आईसीसी वनडे विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार इस खिताब को जीत कर इतिहास रच दिया. शेफाली ने पारी का आगाज करते हुए 78 गेंद में 87 रन की आक्रामक पारी खेलने के बाद अपनी स्पिन गेंदबाजी से सुने लुस और मारिजान काप (चार) जैसी अनुभवी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई तो वहीं बीच के ओवरों में विकेटों के पतन के बीच 58 गेंद में 58 रन का योगदान देने वाली दीप्ति ने लगातार दूसरे मैच में शतक जड़ने वाली दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट (101) सहित पांच विकेट झटकर मैच का पासा पलट दिया.
‘यह तो बस शुरुआत है’
हरमनप्रीत कौर ने कहा, ‘ आज की पिच बहुत अलग थी. बारिश और ऊपरी परिस्थितियों ने इसे मुश्किल बना दिया था. हमें पता था कि फाइनल में 290 का स्कोर एक मुश्किल स्कोर होगा. फाइनल हमेशा दबाव के साथ आता है. दक्षिण अफ्रीका को श्रेय जाता है, उन्होंने शानदार खेल दिखाया. लेकिन अंत में, जब वे थोड़ा घबराए हुए थे, तो हमने मौके का फायदा उठाया. महत्वपूर्ण विकेट लिए, और मैच का रुख अपनी ओर मोड़ दिया. हर विश्व कप में, हम एक टीम के रूप में इस बारे में बात करते थे कि उस अंतिम रेखा को पार करने के लिए हमें क्या करना होगा. अमोल सर के नेतृत्व में पिछले दो सालों में, हमने बहुत मेहनत की है. वह हमें याद दिलाते रहे कि यह टीम कुछ असाधारण करने में सक्षम है. यह तो बस शुरुआत है. हम इस बाधा को तोड़ना चाहते थे, और अब हमने यह कर दिखाया है.’ हरमप्रीत कौर दिग्गज कपिल देव और महेंद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को वनडे विश्व कप दिलाया है.
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें