भगवान ने मुझे कुछ करने के लिए भेजा, 21 साल की उम्र में भारत को जिताया वर्ल्ड कप, फाइनल की हीरो ने खोल दिया अपना दिल

भगवान ने मुझे कुछ करने के लिए भेजा, 21 साल की उम्र में भारत को जिताया वर्ल्ड कप, फाइनल की हीरो ने खोल दिया अपना दिल


52 साल में पहली बार भारतीय टीम ने महिला वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीत लिया है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने अपना पहला आईसीसी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर वर्ल्ड चैंपियन बनी. फाइनल में 87 रन की विस्फोटक पारी खेलने के साथ ही 2 विकेट लेने वाली शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

‘भगवान ने मुझे कुछ करने के लिए भेजा’

प्रतिका रावल के इंजर्ड होने के बाद सेमीफाइनल में शेफाली वर्मा को एंट्री दी गई थी. इस युवा खिलाड़ी ने फाइनल में अपने प्रदर्शन से इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया. प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद शेफाली ने कहा, ‘मैंने शुरुआत में कहा था कि भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा है. वो बात सच साबित हुई. मुझे बहुत खुशी है कि हमने आखिरकार वर्ल्ड कप जीत लिया. यह मेरे लिए एक बहुत ही यादगार पल है. मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती. ये मुश्किल जरूर था, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था.’

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फाइनल की हीरो ने खोल दिया अपना दिल

शेफाली ने कहा, ‘मुझे विश्वास था कि अगर मैं खुद को शांत रखूं, तो मैं कुछ भी कर सकती हूं.’ उन्होंने कहा, ‘फाइनल मेरे लिए, पूरी टीम के लिए अहम था. मेरी कोशिश रन बनाने और टीम को जीत दिलाने की थी. मैंने अपनी योजनाओं पर काम किया. मुझे बहुत खुशी है कि वो पूरी हुईं. कप्तान हरमन और टीम का मुझे सहयोग मिला. सभी ने दिल खोलकर खेलने को कहा था. इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा.’

सचिन तेंदुलकर को दिया क्रेडिट

शेफाली ने सचिन तेंदुलकर का जिक्र करते हुए कहा, ‘जब मैंने सचिन सर को देखा, तो मुझे एक अलग ही उत्साह मिला. मैं सचिन सर से बात करती रहती हूं. वे मुझे हमेशा आत्मविश्वास देते हैं. वे क्रिकेट के उस्ताद हैं. मुझे उनसे बहुत प्रेरणा मिली.’ दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया. दीप्ति ने वर्ल्ड कप के 9 मैचों में 22 विकेट लेने के साथ ही 7 पारियों में 3 अर्धशतक लगाते हुए 215 रन बनाए.

शेफाली वर्मा ने 87 रन बनाए

मैच की बात करें तो टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 7 विकेट पर 298 रन बनाए थे. शेफाली वर्मा 78 गेंद पर 7 चौके और 2 छक्के की मदद से 87 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं. शेफाली ने मंधाना 45 के साथ पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की. इसके अलावा दीप्ति शर्मा ने 58 गेंद पर 58, ऋचा घोष ने 24 गेंद पर 34, जेमिमा रोड्रिग्स ने 24 और हरमनप्रीत कौर ने 20 रन की पारी खेली.

दीप्ति शर्मा की यादगार गेंदबाजी

299 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान और सलामी बल्लेबाज लौरा वौल्वार्ड्ट ने शतक लगाया. उन्होंने 98 गेंद पर 11 चौके और 1 छक्के की मदद से 101 रन की पारी खेली. वौल्वार्ड्ट के अलावा किसी बल्लेबाज की तरफ से बड़ी पारी नहीं आई. एनेरी डर्कसेन ने 35, सुन लूस ने 25 और तंजिम ब्रिट्स ने 23 रन बनाए. दक्षिण अफ्रीका 45.3 ओवर में 46 रन पर सिमट गई और 52 रन से मैच हार गई. भारत के लिए दीप्ति शर्मा ने यादगार गेंदबाजी की. दाएं हाथ की इस स्पिनर ने 9.3 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लिए. शेफाली वर्मा ने 2 और एन. चरणी ने 1 विकेट लिए.



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