लड़की को कहां भेजते हो..पिता को मिले थे ताने, एक थ्रो ने बदली दीप्ति की जिंदगी

लड़की को कहां भेजते हो..पिता को मिले थे ताने, एक थ्रो ने बदली दीप्ति की जिंदगी


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Deepti Sharma struggle Story: वनडे वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय महिला टीम ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में इतिहास रचा, दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 58 रन और 5 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनी.

दीप्ति शर्मा वर्ल्ड कप में बनीं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

नई दिल्ली. भारतीय महिला टीम ने ICC वनडे वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. हरमनप्रीत कौर की सेना ने अब महान कपिल देव के 1983 वर्ल्ड चैंपियन टीम जैसे अपना नाम अमर कर लिया है. इस ऐतिहासिक जीत में सबसे ज्यादा चर्चा जिस एक खिलाड़ी की है वो टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा हैं. फाइनल जैसे हाई प्रेशर मैच में इस खिलाड़ी ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले 58 रन बनाए और फिर 5 विकेट लेकर मैच का पासा पलट दिया. दीप्ति के लिए ये सफर आसान नहीं रहा. पिता को ताने मिलते थे जिसे अनसुना कर बेटी के सपने को उन्होंने पूरा किया.

दीप्ति शर्मा ने जैसा खेल फाइनल में दिखाया इसे उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दोरान लगातार कई बार किया. महिला वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने तीन अर्धशतक लगाते हुए 215 रन बनाने के साथ 22 विकेट झटके हैं. इससे पहले किसी महिला खिलाड़ी ने ऐसा कमाल नहीं किया था. दीप्ति इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं.

आगरा में हुआ दीप्ति का जन्म

महान ऑलराउंडर्स की लिस्ट में जगह बनाने की तरफ बढ़ चुकी दीप्ति शर्मा का जन्म 24 अगस्त 1997 को भगवान शर्मा और सुशीला के घर हुआ. पिता रेलवे में काम करते थे. दीप्ति का जन्म उत्तर प्रदेश के आगरा में हुआ. शाहगंज में अवधपुरी कॉलोनी दीप्ती का घर है. भाई-बहनों में दीप्ति सबसे छोटी हैं. उनके भाई सुमित शर्मा ने भी क्रिकेट खेला लेकिन वो बहन जैसे नाम नहीं कमा पाए.

दीप्ति शर्मा ने फाइनल में 58 रन बनाने के साथ साथ 5 विकेट लिए.

एक थ्रो से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

दीप्ति शर्मा अपने भाई सुमित के साथ प्रैक्टिस देखने जाया करती थीं. मां के मना करने के बाद भी वो चुपके से निकल जाती थीं. दीप्ति जब एक दिन भाई की प्रैक्टिस देख रही थी तो बॉल उनकी तरफ आई. उन्होंने उसे उठाकर पूरा जोर लगाकर फेंका और मैदान में वापसी किया. दीप्ति का थ्रो इतना तेज था जिसे देख पूर्व भारतीय बैटर हेमलता काला भांप गई को इस लड़की में कुछ खास है. एकलव्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ट्रेनिंग के दौरान दीप्ति को उन्होंने बुलाया और फिर सबकुछ बदल गया.

पिता को पड़ोसी देते थे ताने

बड़े भाई सुमित को देखकर दीप्ति ने क्रिकेट खेलना शुरू किया. बेटी के सपने को पिता ने साथ में जीने का फैसला लिया. जब उनकी उम्र 8 साल थी तो भाई के साथ स्टेडियम जाती थी. आस पास रहने वालों ने पिता को ताना देना शुरू कर दिया कि ‘ऐसे लड़की को कहां भेजते हो? ये लड़कियों का नहीं लड़कों का खेल है, उसे डॉक्टर या इंजीनियर बनना है, पढ़ाओ लिखाओ. ये बातें दीप्ति के पिता ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताई थी.

दीप्ति शर्मा प्‍लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनी.

महज 16 साल की उम्र में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नवंबर 2014 में दीप्ति शर्मा ने भारत के लिए पहला इंटरनेशनल मैच खेला. साल 2016 में उन्होंने वनडे में पांच विकेट झटके और यहीं से उनकी कामयाबी का सफर शुरू हुआ. एक साल बाद ही 2017 में दीप्ति ने 188 रन की पारी खेल धमाका मचा दिया. उन्होंने पूनम राउत के साथ 320 रनों की ओपनिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था. 129 टी20 में दीप्ति ने 1100 रन बनाने के साथ 147 विकेट झटके हैं. 121 वनडे में उनके नाम 2739 रन और 162 विकेट हैं. 5 टेस्ट मैच खेलकर उन्होंने 319 रन बनाने के साथ 20 विकेट चटकाए हैं.

Viplove Kumar

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब… और पढ़ें

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