धार में पुलिस महानिरीक्षक (इंदौर ग्रामीण जोन) अनुराग सोमवार को वार्षिक अपराध समीक्षा बैठक के लिए धार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारियों को माइक्रो बीट प्रणाली के माध्यम से गुंडों की निगरानी और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान प्रभावी ढंग स
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बैठक में पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने अनुभागवार एजेंडा प्रस्तुत किया। इसके बाद आईजीपी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को महिला संबंधी अपराधों और शिकायत पत्रों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
उन्होंने चोरी, लूट, डकैती और नकबजनी जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों में 100 प्रतिशत रिकवरी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
लंबित प्रकरणों और जब्त वाहनों के निपटारे के निर्देश आईजीपी ने अभियोजन स्वीकृति से जुड़े लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही थानों में जब्त वाहनों की समीक्षा कर शीघ्र निराकरण करने और वाहन चोरों का डेटाबेस तैयार करने को कहा। उन्होंने लंबित अपराध, चालान, खात्मा एवं खारजी प्रकरणों का समय पर निपटारा करने के निर्देश भी दिए।
गुम इंसानों और वारंटों पर विशेष अभियान आईजीपी अनुराग ने गुम इंसानों की दस्तयाबी के लिए विशेष अभियान चलाने और जिले में लंबित समंस/वारंटों तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया।उन्होंने एनसीआरपी और सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की थाना स्तर पर नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार विजय डावर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर, सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, रक्षित निरीक्षक धार और कार्यालयीन अधिकारी उपस्थित रहे।