नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट मंच वर्ल्ड कप में भारत की बेटियों ने वो कारनामा कर दिखाया जो दशकों से सपना बना हुआ था. इस ऐतिहासिक जीत के साथ पूरे देश में जश्न का माहौल है, लेकिन एक सवाल ज़रूर उठ रहा है “आख़िर अपने ही देश में वर्ल्ड कप जीतने के बाद विक्ट्री परेड क्यों नहीं होती. गौर करने वाली बात यह है कि कुछ ऐसा ही 2011 में भी हुआ था जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने 28 साल बाद वर्ल्ड कप अपने नाम किया था. तब भी देशभर में खुशियों की लहर दौड़ी थी, लेकिन मुंबई या दिल्ली की सड़कों पर कोई औपचारिक विक्ट्री परेड नहीं निकाली गई थी
अब, महिला टीम की इस ऐतिहासिक जीत के बाद भी परेड को लेकर कोई योजना नज़र नहीं आ रही. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत का जश्न फिलहाल नहीं मनाया जाएगा. हरमनप्रीत कौर की टीम ने पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीतकर 47 साल का सूखा खत्म किया, जिसमें उनके नाम कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता था. लेकिन जश्न का इंतज़ार करना होगा.
भारतीय महिलाओं के लिए कोई विजय परेड नहीं
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुष्टि की है कि कोई विजय परेड नहीं होगी. पुरुष टीम द्वारा 2024 टी20 विश्व कप जीतने और 11 साल के ट्रॉफी-रहित सूखे को समाप्त करने के बाद, जीत का जश्न मुंबई में एक खुली बस विजय परेड के साथ मनाया गया, जो वानखेड़े स्टेडियम में समाप्त हुई। लेकिन महिला टीम को यह नहीं मिलेगा, कम से कम अभी तो नहीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “फिलहाल विजय परेड जैसी कोई योजना नहीं है. उन्होंने आगे कहा, “मैं आईसीसी की बैठक में शामिल होने के लिए दुबई जा रहा हूँ. कई अधिकारी भी वहाँ जा रहे हैं, इसलिए लौटने के बाद हम उसी के अनुसार योजना बनाएंगे. हम एशिया कप ट्रॉफी का मामला आईसीसी के सामने उठाएँगे और उम्मीद है कि हमें अपनी ट्रॉफी उस सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ वापस मिलेगी जिसकी वह हकदार है.
2011 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी परेड नहीं
2011 में भी यही हुआ था जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने 28 साल बाद वर्ल्ड कप अपने नाम किया था तब भी देशभर में खुशियों की लहर दौड़ी थी, लेकिन मुंबई या दिल्ली की सड़कों पर कोई औपचारिक विक्ट्री परेड नहीं निकाली गई थी. क्या वजह है कि भारत जैसे खेलप्रेमी देश में, जहां क्रिकेट किसी धर्म से कम नहीं माना जाता, वहां अपने ही मैदान पर वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद टीम को वो सम्मान नहीं मिलता जो विदेशी धरती पर अक्सर देखा जाता है. क्या यह सुरक्षा कारण हैं, प्रोटोकॉल की जटिलताएं हैं, या फिर हमारी खेल संस्कृति में “विजय परेड” की परंपरा कभी बनी ही नहीं. 2019 में इंग्लैंड मेजबान था और जब उन्होंने न्यूजीलैंड को हराकर वर्ल्ड कप जीता तो गजब की विक्ट्री परेड निकाली गई थी.
बीसीसीआई आईसीसी बैठक के बाद फैसला
चदुबई में 4 से 7 नवंबर तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की बैठक पहले ही निर्धारित हो चुकी है, इसलिए बीसीसीआई का ध्यान इस पर केंद्रित हो गया है. सैकिया ने आईसीसी को एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के वर्तमान अध्यक्ष मोहसिन नकवी के आचरण के बारे में पत्र लिखा था, जब उन्होंने 2025 एशिया कप ट्रॉफी पुरुष भारतीय टीम को सौंपने से इनकार कर दिया था. बीसीसीआई इस मुद्दे को सुलझाकर ट्रॉफी स्वदेश लाना चाहता है लेकिन सैकिया ने पुष्टि की है कि 2025 महिला वनडे विश्व कप ट्रॉफी जीतने पर भारतीय महिला टीम के लिए जश्न मनाया जाएगा. इस बीच, बीसीसीआई ने खिलाड़ियों, कोचों और सहयोगी स्टाफ के लिए 51 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है.