मंडला में नैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही निवासी मुईन कुरैशी (45) को लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने के कारण कलेक्टर ने एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया है। ये आदेश एक दिन पहले सोमवार को जारी किया गया।
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मुईन कुरैशी जून 2024 में हुए चर्चित भैंसवाही कांड का मुख्य आरोपी है। इस घटना में पुलिस ने भैंसवाही गांव में छापा मारकर लगभग 150 जीवित गोवंश के साथ बड़ी मात्रा में गोमांस, हड्डी और चर्बी बरामद की थी। इस मामले में 11 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था, और प्रशासन ने उनके घरों को बुलडोजर से ढहा दिया था।
आरोपी पर पहले से दस केस दर्ज
आरोपी मुईन कुरैशी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत कुल 10 आपराधिक केस दर्ज हैं। उस पर नैनपुर क्षेत्र में लंबे समय से मारपीट, विवाद उत्पन्न करने, गोवंश तस्करी और अवैध मांस विक्रय जैसी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप है, जिससे क्षेत्र की शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो रहा था।
प्रशासन ने पहले भी कई बार वैधानिक कार्रवाई की गई थी, लेकिन आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। इसी कारण कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए मुईन कुरैशी को राजस्व जिला मंडला और उससे लगे जिलों– जबलपुर, डिंडौरी, बालाघाट और सिवनी की सीमाओं से एक वर्ष की अवधि तक बाहर रहने का निर्देश दिया है।
एसपी बोले- आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि मुईन कुरैशी पर गोवंश प्रतिषेध अधिनियम के 4 सहित कुल 9-10 मामले दर्ज हैं। पिछले दो वर्षों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उसके अपराधों में कोई कमी नहीं आई थी। इसलिए उसके जिला बदर का प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में भेजा गया था, जहां से उसे मंडला और सीमावर्ती जिलों से बाहर करने का आदेश पारित किया गया।