तारीख 3 अप्रैल 2022। बालाघाट जिले से लगभग 85 किलोमीटर दूर, तिरोड़ी के एक शांत गांव में उस दिन सुबह के 10 बजे थे। सभी लोग अपने कामकाज में जुटे थे। एक घर के आंगन में दो नन्हीं बच्चियां खेल रही थीं। बड़ी बहन की उम्र 6 साल और छोटी की उम्र 3 साल थी। दोनों
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परिजन ने दोनों की तलाश की, लेकिन वो नहीं मिलीं। दूसरे दिन दोनों की लाशें एक नहर से बरामद हुईं। उनकी हत्या की गई थी और छोटी बहन के साथ रेप भी किया गया था। दोनों बच्चियां घर के आंगन से खेलते हुए नहर तक कैसे पहुंचीं? उन्हें आखिरी बार किसके साथ देखा था? क्या थी ये मर्डर मिस्ट्री? पढ़िए, मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स का पार्ट-1…
दोनों बच्चियां सुबह 10 बजे तक आंगन में खेल रही थीं। उसी के बाद वे गायब हो गईं।
बच्चियों के गायब होने का पता 4 घंटे बाद चला दोनों बच्चियां सुबह 10 बजे घर के आंगन में खेल रही थीं, लेकिन उनके गायब होने के बारे में दोपहर दो बजे पता चला। उनकी मां खेतों से काम करके घर लौटी, तो आंगन में पसरा सन्नाटा उसे बेचैन कर गया। उसने अपनी सास से बच्चियों के बारे में पूछा। जवाब मिला, ‘आंगन में ही तो खेल रही थीं, पता नहीं कहां चली गईं।’
यह जवाब किसी भी मां के दिल में खौफ पैदा करने के लिए काफी था। मां ने आस-पड़ोस के हर घर में आवाज लगाई। हर गली में अपनी बेटियों को ढूंढा, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, परिवार का डर बढ़ता गया। बच्चियों के पिता, जो एक रिश्तेदार के घर गए हुए थे, खबर मिलते ही भागे-भागे घर पहुंचे।
पूरा गांव परिवार के दुख में शामिल हो गया। रात के अंधेरे में, हाथों में मशालें लिए, गांव वाले पास के जंगलों की खाक छानते रहे।

आखिरी बार ताऊ के साथ दिखी थीं बच्चियां शाम करीब 7 बजे, जब पूरा गांव बच्चियों की तलाश में जुटा था, एक गांव वाले ने ऐसी जानकारी दी जिसने मामले की दिशा ही बदल दी। उसने बताया कि सुबह करीब 10 बजे दोनों बहनों को उनके बड़े पापा यानी ताऊ गिरधारी सोनवाने के साथ मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर बांध की तरफ जाते देखा था।
यह सुनते ही सबकी नजरें गिरधारी को ढूंढने लगीं, लेकिन वह भी गांव से गायब था। अब शक गहराने लगा था। एक ही सवाल सबके मन में था- आखिर एक ताऊ अपनी ही भतीजियों को लेकर कहां जा सकता है?
नहर किनारे मिला वो खौफनाक सच जैसे-तैसे गांव वालों ने रात काटी। रात में ही पुलिस को सूचना दे दी गई थी। सुबह होते ही, रोते-बिलखते माता-पिता थाने पहुंचे और अपनी बेटियों को ढूंढने की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। खोजी कुत्ता भी उसी दिशा में भागा, जिधर गांव वाले ने बच्चियों को उनके ताऊ के साथ जाते देखने की बात कही थी।
नहर के पास पहुंचकर कुत्ता एक किनारे पर बैठ गया। पुलिस और गांव वालों की धड़कनें बढ़ चुकी थीं। जब उन्होंने नहर के उफनते पानी में झांका, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गुलाबी फ्रॉक पहने 6 साल की बड़ी बेटी का शव पानी में तैर रहा था। उसकी सांसें थम चुकी थीं, मुंह से झाग निकल रहा था और सिर पर एक गहरा घाव था।
परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन एक और सवाल अभी बाकी था- 3 साल की छोटी बेटी कहां थी? पुलिस और गांव वाले नहर के आसपास उसे ढूंढने लगे। कुछ ही देर बाद, घटनास्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर, नहर के दूसरे हिस्से में एक और मासूम का निर्वस्त्र शव मिला। वह 3 साल की छोटी बेटी थी। उसकी भी सांसें थम चुकी थीं।

कातिल ताऊ और उसके गुनाह का कबूलनामा अब पुलिस का एकमात्र लक्ष्य था- फरार गिरधारी सोनवाने को पकड़ना। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुट गईं। अगले ही दिन, पुलिस ने गिरधारी को ढूंढ निकाला और उसकी बाइक भी बरामद कर ली। अब बस यह जानना बाकी था कि उसने यह शैतानी हरकत क्यों की? जब पुलिस उसे लेकर घटनास्थल पर पहुंची, तो जो सामने आया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया।
जहां बच्ची का शव मिला था, उसी के पास झाड़ियों में गिरधारी के कपड़े छिपे हुए थे। उन कपड़ों के बीच एक लाल रंग की पोटली थी। जब पुलिस ने पोटली खोली, तो उसमें से दोनों बहनों की तस्वीर वाला एक फ्रेम निकला। उस तस्वीर पर टीका लगा हुआ था। यह किसी अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र की ओर इशारा कर रहा था।

ताऊ ने कबूल किया कि पूरी प्लानिंग से हत्या की इस केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर, चैन सिंह उइके ने कोर्ट को दिए अपने बयान में बताया कि पूछताछ में आरोपी गिरधारी टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह दोनों बहनों को घुमाने के बहाने घर से ले गया था। वह हत्या की पूरी तैयारी के साथ निकला था, इसीलिए उसने अपने थैले में एक जोड़ी कपड़े भी रखे थे।
गिरधारी ने बताया कि जैसे ही वह बांध के पास पहुंचा, उसने गाड़ी रोक दी। दोनों बहनें घर जाने के लिए रोने लगीं। 6 साल की बड़ी बहन जब ज्यादा चीखने लगी, तो उसने एक बड़ा सा पत्थर उठाकर उसके सिर पर दे मारा। जब वह छटपटाने लगी, तो उसने अपने गमछे से उसका मुंह दबाकर उसकी जान ले ली और शव को गहरे पानी में फेंक दिया। इसके बाद उसने 3 साल की मासूम के कपड़े उतारे और उसे भी मारकर नहर में फेंक दिया।
बदले की आग और अंधविश्वास का खेल अपनी दोनों बेटियों को खोने वाली मां ने पुलिस और कोर्ट को दिए बयान में उस वजह का खुलासा किया, जिसने गिरधारी को हैवान बना दिया। मां ने बताया, ‘गिरधारी हमेशा कहता रहता था कि तुमने मेरा बहुत नुकसान किया है, मैं तुम्हें देख लूंगा। वह कहता था कि तुम्हारे हिस्से में ज्यादा जमीन है और मेरे हिस्से में कम। वह इसी बात को लेकर हमसे रंजिश रखता था।’
मां ने एक और घटना का जिक्र किया, ‘जनवरी 2022 में मकर संक्रांति पर गिरधारी आंगन में बैठा था। मैंने उसे लड्डू और पोहा नाश्ते में दिया। उसकी तबीयत ठीक नहीं थी, तो वह कहने लगा कि लड्डू-पोहा खिलाकर उसे जहर दिया गया है।’

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोला क्रूरता का राज घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल अधिकारी गौतम मेश्राम ने कोर्ट को बताया कि बड़ी बहन का शव बांध के मुख्य गेट से 50 मीटर दूर मिला था। उसकी आंखें और मुंह खुले हुए थे, नाक और मुंह से सफेद झाग निकल रहा था और सिर पर गहरी चोट के निशान थे।
वहीं, 3 साल की मासूम के शव का परीक्षण करने वाली लेडी डॉक्टर रजनी शेंडे ने जो बताया, वह दिल दहला देने वाला था। उन्होंने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर सूजन थी और हल्की ब्लीडिंग हो रही थी। हालांकि, प्राइवेट पार्ट की मेम्ब्रेन सुरक्षित पाई गई थी। डॉ. शेंडे ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा कि बच्ची के शव की स्थिति को देखकर उसके साथ रेप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में पढ़िए
- ताऊ दोनों बच्चियों को अपने साथ क्यों ले गया था?
- क्या ताऊ ही असल हत्यारा था, या कोई और?
- कोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया? मजिस्ट्रेट ने क्या टिप्पणी की?
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