सिंगरौली के माइनिंग इंजीनियरिंग छात्रों ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर देने की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि जिले में कार्यरत निजी और आउटसोर्सिंग कंपनियां स्थानीय युवाओं को नौकरी नहीं दे रही
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छात्रों ने बताया कि वे सभी डीजीएमएस (DGMS) से प्रमाणित ओवरमैन, माइनिंग सरदार और सेकेंड क्लास मैनेजर सर्टिफिकेट धारक हैं। इसके बावजूद उन्हें नौकरी के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों में नियुक्तियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। आउटसोर्सिंग कंपनियां अधिकतर बिना प्रमाणपत्र वाले व्यक्तियों को सुपरवाइजरी पदों पर नियुक्त कर रही हैं, जबकि नियमों के अनुसार इन पदों पर केवल डीजीएमएस प्रमाणित उम्मीदवार ही पात्र हैं।
छात्रों ने यह भी बताया कि आवेदन करने पर उनसे अनुभव मांगा जाता है, जबकि अनुभव तभी मिलेगा जब उन्हें काम करने का अवसर दिया जाएगा। उनका कहना है कि कंपनियां बाहरी लोगों को पैसे लेकर नौकरी देती हैं और स्थानीय युवाओं की अनदेखी करती हैं।
ज्ञापन में छात्रों ने कलेक्टर से मांग की है कि जिले की सभी निजी और आउटसोर्सिंग कंपनियों में रिक्तियों की जानकारी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक की जाए। नियुक्तियां इंटरव्यू या परीक्षा के आधार पर पारदर्शी तरीके से हों और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में आकाश कुशवाहा, विकास कुमार शाह, विजय कुमार चौधरी, राकेश कुमार कुशवाहा और ऋषभ शाह शामिल रहे।