22 साल बाद वोटरों का डोर-टू-डोर सर्वे: अगर भोपाल में वोटर हैं और 2003 की लिस्ट में नाम नहीं, तो देना होगा सबूत – Bhopal News

22 साल बाद वोटरों का डोर-टू-डोर सर्वे:  अगर भोपाल में वोटर हैं और 2003 की लिस्ट में नाम नहीं, तो देना होगा सबूत – Bhopal News



जिले में मंगलवार से वोटर लिस्ट के गहन परीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की शुरुआत हो रही है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर घर-घर जाकर मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन करेंगे। प्रत्येक बीएलओ को तीन बार तक घर जा

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इस बार 2003 के बाद पहली बार राजधानी में वोटर लिस्ट का डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। गणना पत्रक भरने के बाद मतदाता को इसे दोबारा बीएलओ को देना होगा। 9 दिसंबर को प्रारंभिक वोटर लिस्ट जारी होगी, जिस पर आपत्ति और सुधार की प्रक्रिया के बाद 7 फरवरी को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।

बीएलओ दस्तावेज मांगेंगे?

-नहीं। सर्वे के दौरान कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। बीएलओ सिर्फ गणना पत्रक देंगे, जिसमें आपकी डिटेल प्रिंटेड होगी।

मतदाता को क्या करना होगा?

-बीएलओ द्वारा दिए गए गणना पत्रक को भरकर बीएलओ को देना होगा। इसमें नाम, पता, उम्र और EPIC नंबर की जानकारी होगी।

2003 की लिस्ट में मेरा नाम नहीं है तो क्या होगा?

-जिनके नाम 2003 की लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें कारण बताना होगा- क्या परिवार में मृत्यु हुई, शिफ्ट हुए या नाम दूसरे राज्य में दर्ज है। ऐसे लोगों को एसडीएम दफ्तर से नोटिस मिलेगा और दस्तावेज मांगे जाएंगे।

2003 में नाम न होने पर ब्लड रिलेशन कैसे जांचेंगे?

-आपका नाम 2025 की लिस्ट में है, पर 2003 की लिस्ट में नहीं, तो परिवार के सदस्य जैसे पिता, दादा, चाचा आदि के नाम चेक किए जाएंगे। नाम मिलने पर आपका नाम जोड़ा जाएगा।

लिस्ट कब जारी होगी?

-दिसंबर को प्रारंभिक सूची जारी होगी। 3 जनवरी तक आपत्ति या सुधार किए जा सकेंगे। 7 फरवरी को अंतिम लिस्ट प्रकाशित होगी।

2003 की लिस्ट ऑनलाइन है?

हां, https://vote s.eci.gov.in पर 2003 की लिस्ट ऑनलाइन है। वेबसाइट पर SIR ऑप्शन चुनें, फिर राज्य और विधानसभा सिलेक्ट करें। पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर नाम सर्च करें। यहां 2003 और वर्तमान सूचियों की डिटेल है।

2003 और अब दोनों सूचि में नाम नहीं है, जुड़ सकता है?

-हां, नाम जोड़ा जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा और जरूरी दस्तावेज देना होंगे।

एसआईआर के तहत हर बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करेगा। कोई दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे। जो भी जानकारी दी जाएगी, उसका सत्यापन गणना पत्रक से किया जाएगा। जो अधिकारी काम में लापरवाही करेंगे, उन पर कार्रवाई होगी। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल



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