बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर रायसेन जिले के सभी नर्मदा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान पूजा-अर्चना और दीपदान किया गया, जिससे तट ‘हर हर नर्मदे’ के जयकारों से गूंज उठे। उदयपुरा स्थित बोरास घाट और शोकलपुर घाट पर सबस
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। उदयपुरा के बोरास घाट के दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात रहे। कई श्रद्धालुओं ने पिंड भरकर घाट पर सत्यनारायण कथा का आयोजन कर अपना संकल्प पूरा किया।
इस अवसर पर बेगमगंज, गैरतगंज, सिलवानी, रायसेन सहित विदिशा, गाडरवारा और सागर जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे। रायसेन जिला मुख्यालय से भी कार्तिक माह में स्नान और व्रत करने वाली महिलाएं बोरास घाट पहुंची थीं। पूरे तट पर जगह-जगह भजन-कीर्तन, सत्यनारायण कथा और रामायण पाठ का आयोजन किया गया, जिससे भक्तिमय माहौल बना रहा। बोरास के उस पार नरसिंहपुर के झिकौली घाट पर भी भारी भीड़ उमड़ी।
एक महीने तक चलने वाले कार्तिक माह के समापन पर रायसेन जिला मुख्यालय के मिश्र तालाब, बरेली स्थित नर्मदा तट अलीगंज और बगलवाड़ा सहित अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालु महिलाओं ने स्नान के बाद पूजन-अर्चना कर दीपदान किया। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा और व्रत करने से घर में यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान और गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।
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